10-Jun-2026
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- डॉक्टर और दलालों का बड़ा नेटवर्क बेनकाब - नीट में कम नंबर वालों को बनाया निशाना - पुलिस ने दर्ज की दो एफआईआर बेंगलुरु (ईएमएस)। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीट दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का एक बड़ा सनसनीखेज मामला सामने आया है। बागलगुंटे पुलिस थाने में दर्ज दो अलग-अलग प्राथमिकियों ने निजी मेडिकल कॉलेजों की एडमिशन प्रक्रिया और कथित दलाल नेटवर्क की पोल खोल कर रख दी है। आरोपियों ने संपन्न और रसूखदार परिवारों को निशाना बनाकर मैनेजमेंट कोटा के तहत आसानी से सीट दिलाने का झांसा दिया और उनसे मोटी रकम ऐंठ ली। इस हाई-प्रोफाइल रैकेट में एक डॉक्टर और उसके पति पर जहां 1.40 करोड़ रुपये हड़पने का आरोप लगा है, वहीं दूसरे मामले में एक राजनीतिक परिवार से लाखों रुपये की ठगी की बात सामने आई है। पहले मामले में पीड़ित राजीव रंजन कुमार और उनकी पत्नी स्मिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के मुताबिक, उनकी बेटी नीट परीक्षा के आधार पर सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने से चूक गई थी, जिसके बाद वे निजी कॉलेजों में सीट तलाश रहे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात तुमकुर रोड स्थित प्रक्रिया अस्पताल से जुड़ीं डॉ. शिल्पा अरावली और उनके पति से हुई। डॉ. शिल्पा ने दावा किया कि निजी मेडिकल कॉलेजों के प्रबंधन में उनके बेहद मजबूत संपर्क हैं और वे आसानी से मैनेजमेंट कोटा के तहत एमबीबीएस सीट दिलवा सकती हैं। उन पर भरोसा करते हुए पीड़ित परिवार एडमिशन के लिए तैयार हो गया। इसके बाद आरोपियों ने सबसे पहले अस्पताल के पार्किंग एरिया में 35 लाख नकद लिए और शेष रकम पी. किरण कुमार के बैंक खाते में आरटीजीएस के जरिए भेजने को कहा। पुलिस के अनुसार, जुलाई से सितंबर 2023 के बीच चार किश्तों में 1.05 करोड़ ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए, जिससे कुल ठगी 1.40 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। पूरी रकम डकारने के बाद आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी और पैसे वापस मांगने पर मार्च 2024 में अस्पताल में हुई बैठक भी बेनतीजा रही। धोखाधड़ी का दूसरा मामला एक राजनीतिक परिवार से जुड़ा है, जिसमें स्थानीय नेता गोपालप्पा ने रमेश बाबू नामक व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। आरोपी रमेश बाबू ने उनकी पोती को श्रीदेवी मेडिकल कॉलेज और राजराजेश्वरी मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने का भरोसा दिया था। आरोप है कि आरोपी ने बड़ी चालाकी से एक ब्लैंक चेक हासिल कर लिया और खाते से 35 लाख ट्रांसफर करवा लिए। इतना ही नहीं, बाद में आरोपी द्वारा 39 लाख रुपये की अतिरिक्त ठगी करने का प्रयास भी किया गया। इन दोनों गंभीर मामलों का संज्ञान लेते हुए बागलगुंटे पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 406 (विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी) और 34 (समान मंशा) के तहत आपराधिक मामले दर्ज कर लिए हैं। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, पैसों के लेन-देन के स्रोतों और इस रैकेट से जुड़े अन्य दलालों के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। - ईएमएस 10 जून 2026