भिंड ( ईएमएस ) | जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत ग्राम पंचायत ऊमरी स्थित सैकड़ों वर्ष पुराने उमरेश्वर तालाब में आज भारी श्रमदान किया गया। कलेक्टर भिण्ड एवं सीईओ जिला पंचायत भिण्ड ने स्वयं अधिकारियों, युवा स्वयंसेवकों और स्थानीय सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर श्रमदान कर तालाब से घनी जलकुंभी निकाली और सफाई के कार्यों का संचालन किया। इस मौके पर ग्रामीणों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और तालाब से जलकुंभी को हटाने, निर्मल जल संरचना बनाए रखने पर जोर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि यह तालाब गांव की सांस्कृतिक और पारिस्थितिक पहचान है, इसलिए इसे बचाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जलकुंभी का नियंत्रित ढंग से निराकरण और नियमित रखरखाव से जलाशय की जलधारणा और जैवविविधता को संरक्षित किया जा सकेगा। आगे भी प्रशासन और स्थानीय लोग मिलकर पुनरुद्धार कार्यों को जारी रखेंगे। स्थानीय युवाओं और सामाजिक संगठनों ने आश्वासन दिया कि वे श्रमदान और जागरूकता अभियानों के माध्यम से तालाब की दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। कार्यक्रम में स्थानिक अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में जैविक निष्कर्षण के साथ-साथ तकनीकी सहयोग से तालाब के जल स्तर और गुणवत्ता की निगरानी की जाएगी। इस संयुक्त पहल से उमरेश्वर तालाब के पुनरुद्धार की दिशा में उम्मीद जगी है और गांव में साफ-सुथरे जल के हित में आगे भी ऐसे अभियान चलाए जाएंगे।