अंतर्राष्ट्रीय
10-Jun-2026


-मध्य एशिया में तनाव गहराया तेहरान,(ईएमएस)। मध्य एशिया में तनाव फिर गहरा गया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी हमलों के जवाब में जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे सहित खाड़ी क्षेत्र के 22 ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन अटैक किए हैं। यह अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सबसे गंभीर सैन्य टकरावों में से एक माना जा रहा है। ईरान का कहना है कि कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के प्रत्युत्तर में की गई है। ईरानी हमलों में जॉर्डन के अल-अजराक एयर बेस पर एफ-35 लड़ाकू विमानों के ठिकाने और अमेरिकी कमांड सेंटर, बहरीन स्थित अमेरिका के पांचवें बेड़े और कुवैत के अली अल-सलेम अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाने का दावा किया है। ईरानी मीडिया ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित केश्म द्वीप और सीरिक बंदरगाह शहर पर भी हमले हुए, साथ ही बंदर अब्बास और जास्क के आसपास विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। इसके पहले, अमेरिकी सेना (सेंटकॉम) ने घोषणा की थी कि एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिरने के जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट ईरान के वायु रक्षा तंत्र, नियंत्रण केंद्रों और निगरानी रडार ठिकानों पर कार्रवाई की थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले को बेहद मजबूत और प्रभावशाली करार दिया था, जिसमें करीब 20 ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया गया था और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई करीबब चार घंटे तक चली थी। इन हमलों पर प्रतिक्रिया देकर जॉर्डन की सेना ने ईरान से दागी गई पांच मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने का दावा किया, जिसमें कोई हताहत या नुकसान नहीं हुआ। बहरीन ने अपनी वायु रक्षा प्रणाली को सक्रिय किया और बाद में हमलों को विफल करने की घोषणा की। वहीं, कुवैत की सेना ने संदिग्ध हवाई लक्ष्यों पर नजर रखने की बात कही। इस ताजा सैन्य टकराव ने उस संघर्ष को समाप्त करने की संभावनाओं पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हवाई हमलों से हुई थी। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चेतावनी दी है कि अमेरिका ने उनके संकल्प की परीक्षा ली है और उनकी शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं किसी भी हमले या धमकी का जवाब दिए बिना नहीं छोड़ेंगी। आईआरजीसी ने भी अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रहने पर और सख्त जवाब देने की चेतावनी दी है। आशीष दुबे / 10 जून 2026