अराघची ने कहा- होर्मुज स्ट्रेट का संचालन अब युद्ध से पहले जैसा नहीं रहेगा तेहरान,(ईएमएस)। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कहा है कि अमेरिका के साथ होने वाली संभावित शांति वार्ता कोई अंतिम परमाणु समझौता नहीं होगी। यह पहले एक अंतरिम समझौता होगा, जिसे लागू करने के बाद ही दोनों देश परमाणु कार्यक्रम पर औपचारिक बातचीत शुरू करेंगे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अराघची ने कहा कि प्रस्तावित समझौते में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलना, जारी संघर्ष को खत्म करना और अमेरिका-ईरान का एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में दखल न देने का वादा शामिल है। उन्होंने बताया कि समझौते के मसौदे में 14 बिंदु हैं। उन्होंने कहा कि परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर बातचीत दूसरे चरण में होगी, जो 60 दिनों तक चलेगी। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट का संचालन अब युद्ध से पहले जैसा नहीं रहेगा। इस अहम जलमार्ग पर ईरान और ओमान का अधिकार है और ईरान यहां से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षित आवाजाही तय करेगा। ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने पुष्टि की कि अमेरिका के साथ प्रस्तावित युद्धविराम समझौते में ईरान की जब्त और फ्रीज की गई संपत्तियों को चरणबद्ध तरीके से मुक्त करने का प्रावधान शामिल है। हालांकि, समझौते के अंतिम स्वरूप और संपत्तियों की रिहाई की शर्तों पर अभी भी बातचीत जारी है। रिपोर्ट के मुताबिक अराघची ने कहा कि होर्मुज प्रशासन युद्ध से पहले की स्थिति में वापस नहीं जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों के लिए नई प्रशासनिक और सेवा संबंधी व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी। विदेश मंत्री ने अमेरिका पर अपने दायित्वों का पालन न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हम अमेरिका में उन पक्षों से निपट रहे हैं जो अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करते। हमें उनके वादाखिलाफी के रास्ते को बंद करना होगा। इससे पहले एक्स पोस्ट में अराघची ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच तैयार किया जा रहा “इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग” अपने अंतिम चरण में है और “कभी भी इससे अधिक करीब नहीं रहा।” उन्होंने मीडिया और विश्लेषकों से अपील की कि समझौते की सामग्री को लेकर अटकलों लगान से बचें, क्योंकि आधिकारिक विवरण समझौते के बाद सार्वजनिक किए जाएंगे। सिराज/ईएमएस 13जून26