यह वह संघर्ष था जिसने इस साल 28 फरवरी को शुरू हुए लंबे युद्ध की नींव रखी तेहरान,(ईएमएस)। ईरान और इजराइल के बीच शुरू हुए 12 दिन के युद्ध को आज एक साल पूरा हो गया। यही वह संघर्ष था जिसने इस साल 28 फरवरी को शुरू हुए अमेरिकी-इजराइल के संयुक्त ईरान पर लंबे युद्ध की नींव रखी। पिछले साल 13 जून टकराव शुरू हुआ था, जब इजराइल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल प्रोग्राम को निशाना बनाते हुए हमला किया था। इस हमले में ईरान के कई शीर्ष सैन्य और सुरक्षा अधिकारी मारे गए थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इजराइल ने इस अभियान को राइजिंग लायन नाम दिया था। उसका कहना था कि ईरान तेजी से परमाणु हथियार विकसित करने की दिशा में बढ़ रहा है और इस खतरे को रोकना जरूरी है। संघर्ष की शुरुआत में अमेरिका सीधे तौर पर शामिल नहीं था, लेकिन दूसरे सप्ताह में उसने भी ईरान पर हमला किया था। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के आदेश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के 3 परमाणु ठिकानों पर बमबारी की थी। इसी दौरान पर्दे के पीछे कूटनीतिक प्रयास भी जारी रहे। ट्रम्प प्रशासन युद्ध रोकने के लिए लगातार कोशिश करता रहा और कतर ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। आखिरकार 24 जून को कतर की मध्यस्थता से ईरान और इजराइल युद्धविराम पर सहमत हुए थे लेकिन इस साल 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल ने मिलकर फिर ईरान पर हमला कर दिया था जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर समेत कई नेता मारे गए थे जिसके जवाब में ईरान ने भी पूरी ताकत से इजराइल और अमेरिका के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था इसके बाद अमेरिका फिर ईरान से समझौते को लेकर आज भी बातचीत जारी रखे हुए है। सिराज/ईएमएस 13जून26