-पाकिस्तान की अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक से बढ़ा तनाव काबुल (ईएमएस)। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर हवाई हमले किए, जिसमें करीब 13 लोगों की जान चली गई और 14 महिलाएं घायल हो गईं। मरने वालों में 11 मासूम बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग शामिल हैं। तालिबान ने इन हमलों की पुष्टि कर पाकिस्तान द्वारा अफगान एयरस्पेस का घोर उल्लंघन बताया है। तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना ने जानबूझकर कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों में आम नागरिकों के घरों को निशाना बनाया। उन्होंने हमले में घायल हुए लोगों की तस्वीरें भी साझा कीं, जो स्थिति की गंभीरता को दिखाती हैं। तालिबान सरकार के अनुसार, बीते एक साल में पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाइयों में सैकड़ों लोगों की जानें जा चुकी हैं। यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान ने अफगान धरती पर हवाई हमले किए हैं। उदाहरण के लिए, पिछले मार्च में भी अफगानिस्तान पर बड़ा हवाई हमला किया गया था। अफगान अधिकारियों ने काबुल में एक नशा मुक्ति केंद्र पर हुए बमबारी में 400 से अधिक लोगों की मौत का दावा किया था, जिसे तालिबान ने मानवता के खिलाफ अपराध करार दिया था। हालांकि, रिपोर्ट्स ने 269 मौतों की पुष्टि की थी और पाकिस्तान ने आरोपों को खारिज कर कहा था कि उसने एक गोला-बारूद डिपो को निशाना बनाया था। इस घटना के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ा है। दोनों देशों के बीच पिछले चार महीनों से सीमा पार संघर्ष जारी है। इसकी शुरुआत 22 फरवरी को हुई थी जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक का दावा किया था, जिसमें 70 से 80 लड़ाकों के मारे जाने की बात कही गई थी। जवाब में, अफगानिस्तान ने भी 27 फरवरी को पाकिस्तान पर हमला किया। इस्लामाबाद लगातार तालिबान सरकार पर यह दबाव डालता रहा है कि वह अपनी धरती का इस्तेमाल किसी भी आतंकी संगठन को न करने दे, विशेषकर टीटीपी को, जिसके बारे में उसका मानना है कि वह अफगानिस्तान से संचालित होता है। आशीष दुबे / 10 जून 2026