राज्य
10-Jun-2026
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- महाराष्ट्र को उड़ता महाराष्ट्र बनाने की साजिश?’ मुंबई, (ईएमएस)। मुंबई के पश्चिमी उपनगर गोरेगांव स्थित नेस्को परिसर में आयोजित म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान ड्रग्स ओवरडोज से दो छात्रों की मौत के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने बेहद गंभीर टिप्पणियां की हैं। सरकारी वकील ने अदालत में कहा कि यह मामला केवल “हिमखंड का ऊपरी हिस्सा” है और इसके पीछे कहीं बड़ा ड्रग्स नेटवर्क छिपा हो सकता है। सरकार ने आशंका जताई कि ड्रग्स माफिया महाराष्ट्र को “उड़ता महाराष्ट्र” बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। यह टिप्पणी राज्य सरकार की ओर से सरकारी वकील शिशिर हिरे ने हाईकोर्ट में दो आरोपियों की जमानत याचिकाओं का विरोध करते हुए की। उन्होंने कहा कि अब तक की जांच में जिस पैमाने पर नशीले पदार्थ बरामद हुए हैं और जिस तरह के आर्थिक लेन-देन सामने आए हैं, उससे यह मामला बेहद गंभीर और व्यापक प्रतीत होता है। दरअसल मामले में गिरफ्तार बालकृष्ण कुरूप और सनी जैन ने बॉम्बे हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की है। दोनों ने दावा किया है कि उनका ड्रग्स प्रकरण से कोई संबंध नहीं है। इन याचिकाओं पर न्यायमूर्ति श्याम चांडक की एकलपीठ के समक्ष सुनवाई चल रही है। इससे पहले 7 मई को मुंबई सत्र न्यायालय दोनों की जमानत याचिका खारिज कर चुका है। सरकारी पक्ष ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान ऐसे सबूत मिले हैं जिनसे संकेत मिलता है कि अमेरिका और जर्मनी से एक्स्टसी जैसी प्रतिबंधित ड्रग्स मुंबई लाई गई थी। जांच एजेंसियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के ड्रग्स रैकेट की संलिप्तता के संकेत मिले हैं और इस दिशा में आगे जांच जारी है। सरकार का कहना है कि जांच अभी महत्वपूर्ण चरण में है और इस समय आरोपियों को जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है। सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा कर्मियों द्वारा दी गई चेतावनियों और सूचनाओं की अनदेखी की गई थी। विशेष रूप से सनी जैन ने अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से निर्वहन नहीं किया। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले के मुख्य आयोजक आकाश समल को जमानत मिलने का लाभ अन्य आरोपी नहीं उठा सकते। अदालत ने आकाश समल को इस आधार पर राहत दी थी कि उसकी भूमिका केवल कलाकारों को कार्यक्रम तक लाने तक सीमित थी और आयोजन प्रबंधन से उसका सीधा संबंध नहीं था। जबकि कुरुप और जैन कार्यक्रम के संपूर्ण प्रबंधन और संचालन से सीधे जुड़े हुए थे। आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गिरीश गोडबोले ने अदालत में दलील दी कि बालकृष्ण कुरुप कैंसर से पीड़ित हैं और उन्होंने केवल कंपनी अधिकारी के रूप में आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए थे। वहीं सनी जैन फरवरी महीने में ही कंपनी से जुड़े थे और उनकी भूमिका केवल कार्यक्रम के लिए आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने तथा प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाने तक सीमित थी। बचाव पक्ष का कहना है कि दोनों का ड्रग्स तस्करी या नशीले पदार्थों के सेवन से कोई संबंध नहीं है। हालांकि राज्य सरकार ने इन दलीलों को खारिज कर दिया। - क्या है मामला? 11 अप्रैल को गोरेगांव पश्चिम स्थित नेस्को सेंटर के हॉल नंबर-5 में एक बड़े म्यूजिक कॉन्सर्ट का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में प्रवेश के लिए लगभग 2,000 रुपये का टिकट रखा गया था और बड़ी संख्या में युवा इसमें शामिल हुए थे। जांच के अनुसार, एक प्रतिष्ठित कॉलेज के करीब 20 छात्रों का समूह भी कार्यक्रम में मौजूद था। आरोप है कि पार्टी के दौरान कुछ युवाओं ने एमडी और एमए नामक नशीले पदार्थों का सेवन किया। इनमें से कुछ ने अत्यधिक मात्रा में ड्रग्स ले ली, जिसके कारण उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और सांस लेने में गंभीर परेशानी शुरू हो गई। ड्रग्स ओवरडोज के कारण 28 वर्षीय युवक और 24 वर्षीय युवती की मौत हो गई, जबकि एक अन्य छात्रा की हालत कई दिनों तक गंभीर बनी रही। मामले में गोरेगांव के वनराई पुलिस स्टेशन में गैर-इरादतन हत्या, एनडीपीएस एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें आकाश समल, सनी जैन, बालकृष्ण कुरुप, रौनक खंडेलवाल, प्रतीक पांडे, आनंद पटेल, विनीत गेरेलानी, शुभ अग्रवाल, आयुष साहित्य, प्रदीप गुप्ता और जिया जेकब शामिल हैं। फिलहाल हाईकोर्ट में जमानत याचिकाओं पर सुनवाई जारी है और इस मामले में आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। - १० जून/२०२६/ईएमएस