राज्य
10-Jun-2026
...


मीनाक्षी का नामांकन निरस्त होने पर जबलपुर में चौतरफा विरोध जबलपुर, (ईएमएस)। मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की एकमात्र प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के बाद जबलपुर में कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों का विरोध तेज हो गया है। शहर में तहसील कार्यालय के बाहर कांग्रेस ने गांधीवादी तरीके से धरना प्रदर्शन किया, वहीं विभिन्न कांग्रेस संगठनों और नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र के लिए घातक बताते हुए निर्वाचन आयोग तथा भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर राज्यसभा सांसद एवं वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल एक नोटिस जारी हुआ था, जिसमें मीनाक्षी नटराजन और अन्य लोगों से 10 करोड़ रुपये के क्षतिपूर्ति दावे के संबंध में जवाब मांगा गया था। नोटिस का विधिवत जवाब भी उनके अधिवक्ता द्वारा दिया जा चुका है। तन्खा ने इसे केवल नामांकन निरस्तीकरण का मामला नहीं बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हमला बताते हुए कहा कि यह वोट चोरी नहीं, बल्कि सीट चोरी का मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की जीत सुनिश्चित होने के बावजूद तकनीकी आधार बनाकर उम्मीदवार को चुनावी प्रक्रिया से बाहर किया गया है। तन्खा ने कहा कि यदि इस प्रकार की घटनाएं जारी रहीं तो लोकतंत्र की मूल भावना समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कांग्रेस पार्टी को इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की सलाह भी दी। तहसील कार्यालय के बाहर कांग्रेस का धरना …….. नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में जबलपुर तहसील कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान पूर्व मंत्री एवं विधायक लखन घनघोरिया, नगर कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ शर्मा, ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष संजय यादव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। धरने को संबोधित करते हुए विधायक लखन घनघोरिया ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा एक ओर नारी सशक्तिकरण की बातें करती है, जबकि दूसरी ओर एक महिला उम्मीदवार के अधिकारों का हनन कर रही है। उन्होंने कहा कि मीनाक्षी नटराजन ने अपना पूरा जीवन महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कार्यों के लिए समर्पित किया है, लेकिन उनके साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार किया गया। घनघोरिया ने भाजपा की कार्यप्रणाली की तुलना कचरे से करते हुए कहा कि कचरे पर चाहे जितना अभ्रक लगा दिया जाए, वह मिठाई नहीं बन सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है और संविधान तथा राजनीतिक परंपराओं की अनदेखी कर रही है। घनघोरिया ने आरोप लगाया कि पहले कांग्रेस विधायकों को तोड़ने की कोशिश की गई और जब उसमें सफलता नहीं मिली तो नामांकन निरस्त कराने जैसी रणनीति अपनाई गई। एनएसयूआई ने कहा, लोकतंत्र की हत्या … मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के विरोध में कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। एनएसयूआई नेताओं शफी खान और अनुराग शुक्ला ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए भाजपा पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केवल एक अदालती नोटिस को आपराधिक मामला बताकर नामांकन निरस्त करना पूरी तरह असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक कदम है। कांग्रेस ओबीसी विभाग ने उठाए सवाल .. मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं ओबीसी विभाग के नेता टीकाराम कोष्टा ने भी इस मामले में चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कांग्रेस विधायकों की खरीद-फरोख्त में असफल रही, इसलिए चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। कोष्टा ने कहा कि जिस तेलंगाना प्रकरण का हवाला देकर नामांकन निरस्त किया गया, उसमें एफआईआर तक दर्ज नहीं है। इसके बावजूद निर्वाचन आयोग ने कठोर कार्रवाई कर दी। उन्होंने दावा किया कि पूर्व में कई जनप्रतिनिधियों द्वारा नामांकन में अधूरी जानकारी दिए जाने के बावजूद इस तरह की कार्रवाई नहीं की गई। अल्पसंख्यक विभाग ने भी जताई नाराजगी… कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय संयोजक दलवीर सिंह जस्सल तथा वरिष्ठ नेता सुमन कुमार जैन ने भी इस पूरे घटनाक्रम की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त संख्या बल होने के बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन निरस्त किया जाना एक सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र प्रतीत होता है। उन्होंने इसे संविधान और लोकतंत्र पर हमला बताते हुए चेतावनी दी कि इस तरह की घटनाओं का कांग्रेस मजबूती से विरोध करेगी। सुनील साहू / शहबाज / 10 जून 2026/ 05.41