राज्य
10-Jun-2026


--धरना-प्रदर्शन एवं कलमबंद हड़ताल करते हुए सम्बंधित हाथरस । उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निबंधन (रजिस्ट्री) कार्यालयों के कार्यों को निजी कंपनी को सौंपे जाने के प्रस्ताव के विरोध में दिनांक 10 जून 2026 को उप-पंजीयक (रजिस्ट्री) कार्यालय, सिकन्द्राराऊ पर अधिवक्ताओं, कातिबों, स्टाम्प विक्रेताओं एवं टाइपिस्टों द्वारा विशाल धरना-प्रदर्शन एवं कलमबंद हड़ताल आयोजित की गई। धरने की अध्यक्षता डीके सिंह शोला ने की। इस अवसर पर दि बार एसोसिएशन सिकंदराराऊ, सिविल बार एसोसिएशन सिकंदराराऊ, कातिब एसोसिएशन, स्टाम्प विक्रेता एसोसिएशन तथा टाइपिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर सरकार के प्रस्ताव का विरोध किया। धरने को संबोधित करते हुए दि बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डी.के. सिंह शोला एडवोकेट, सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पुंडीर एडवोकेट, दि बार एसोसिएशन के सचिव राजेश बघेल एडवोकेट तथा सिविल बार एसोसिएशन के सचिव जितेन्द्र यादव एडवोकेट ने कहा कि निबंधन विभाग के कार्यों का निजीकरण अधिवक्ताओं, कातिबों, स्टाम्प विक्रेताओं, टाइपिस्टों एवं आम जनता के हितों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि इससे हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित होगी तथा आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। धरने में प्रमुख रूप से गौरी शंकर एडवोकेट, ब्रजेश यादव एडवोकेट, नरेश प्रताप एडवोकेट, वीरपाल सिंह एडवोकेट, रविन्द्र यादव एडवोकेट, रूपेन्द्र एडवोकेट, प्रियांशु एडवोकेट, तोकीर एडवोकेट, आनंद कुमार एडवोकेट, दीपेश एडवोकेट सहित अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे। कातिब एसोसिएशन की ओर से धनीराम कातिब, यादराम कातिब एवं अवधेश कातिब, स्टाम्प विक्रेता एसोसिएशन की ओर से अमर सिंह एवं देवराम, तथा टाइपिस्ट एसोसिएशन की ओर से विश्व विजयी एवं यशपाल सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। धरने के उपरांत सभी संगठनों ने संयुक्त रूप से निर्णय लिया कि जब तक निबंधन कार्यालयों के निजीकरण संबंधी प्रस्ताव को वापस नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा तथा अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल जारी रखी जाएगी। वक्ताओं ने कहा कि यह संघर्ष केवल अधिवक्ताओं या कर्मचारियों के हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि न्यायिक व्यवस्था की गरिमा, पारदर्शिता एवं जनहित की रक्षा से भी जुड़ा हुआ है। सभी संगठनों ने एक स्वर में सरकार से प्रस्ताव तत्काल वापस लेने की मांग की। ईएमएस/नीरज चक्रपाणी/ 10 जून 2026