- कई जिलों में फैला संक्रमण, पूरे राज्य में खाद्य सुरक्षा जांच के आदेश - दूषित भोजन या पानी के जरिए शरीर में फैलता है शिगेला - बच्चों और वयस्कों दोनों के लिए खतरा कोझिकोड (ईएमएस)। केरल के कोझिकोड में शिगेला संक्रमण (शिगेलोसिस) के कारण एक चार साल की बच्ची नीला की मौत हो गई है। जिले में इस खतरनाक बैक्टीरियल संक्रमण से तीन बच्चे प्रभावित हुए थे, जिनमें से 10 वर्षीय बच्चे को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि दो वर्षीय बच्चे की स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, शिगेला एक अत्यधिक संक्रामक बैक्टीरिया है जो दूषित भोजन या पानी के जरिए शरीर में फैलता है और सीधे आंतों को प्रभावित करता है, जिससे मरीज को गंभीर दस्त की शिकायत हो जाती है। यह बीमारी बच्चों और वयस्कों दोनों के लिए समान रूप से खतरनाक है। राज्य में बढ़ते मामलों को देखते हुए कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी ने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर शिगेला के लक्षणों वाले मरीजों की कड़ी निगरानी की जा रही है। सभी अस्पतालों में जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए हैं। जमीनी हकीकत और स्वास्थ्य उपायों की समीक्षा करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन जल्द ही कोझिकोड जिले का दौरा करेंगे। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, कोझिकोड के अलावा वायनाड, अलाप्पुझा और पथानामथिट्टा जिलों में भी शिगेला के मामले सामने आए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वायनाड के जिला कलेक्टर और जिला चिकित्सा अधिकारी ने उच्च स्तरीय बैठक कर सुरक्षा उपायों पर चर्चा की है। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार ने खाद्य सुरक्षा आयुक्त को पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर खाद्य पदार्थों की जांच करने का आदेश दिया है। इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भी मामले पर गहरी चिंता जताते हुए स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय निकायों से मिलकर ठोस बचाव रणनीति लागू करने की अपील की है। रामयश/ईएमएस 11 जून 2026