राज्य
11-Jun-2026
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मुंबई, (ईएमएस)। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के हालिया दिल्ली दौरे के बाद यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के कुछ सांसदों ने उनसे मुलाकात की है। राजनीतिक गलियारों में इसे ‘ऑपरेशन टाइगर’ से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, ठाकरे गुट के सात सांसदों ने दिल्ली में शिंदे से मुलाकात की थी। दावा किया जा रहा है कि इनमें से एक सांसद को मंत्री पद और अन्य सांसदों को महत्वपूर्ण पदों का प्रस्ताव दिया गया है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ठाकरे गुट के पूर्व सांसद विनायक राऊत ने आरोप लगाया है कि शिंदे गुट लगातार उनके सांसदों को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दबाव और पदों के लालच के जरिए सांसदों को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इस बीच, हाल ही में शिर्डी में आयोजित ठाकरे गुट के एक बड़े सम्मेलन में सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे की अनुपस्थिति ने भी अटकलों को हवा दी है। सम्मेलन में शामिल न होने के बाद जब उनसे ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इस विषय पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। - एनडीए की बदलती राजनीति और बढ़ती अटकलें राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। चर्चा है कि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के कुछ सांसद अलग समूह बनाने की तैयारी में हैं और वे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का समर्थन कर सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो केंद्र में एनडीए की संख्या और मजबूत हो सकती है। जानकारों का मानना है कि ऐसी स्थिति में एन. चंद्रबाबू नायडू और शिंदे गुट की राजनीतिक सौदेबाजी की ताकत कुछ हद तक कम हो सकती है। इसी वजह से शिंदे अपने संसदीय समर्थन को और मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, ऐसी चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में चल रही हैं। - लोकसभा चुनाव में ठाकरे गुट के 9 सांसद हुए थे विजयी हालिया लोकसभा चुनाव में ठाकरे गुट ने महाराष्ट्र में 9 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इनमें प्रमुख रूप से- अरविंद सावंत- दक्षिण मुंबई अनिल देसाई- दक्षिण मध्य मुंबई ओमराजे निंबालकर- धाराशिव संजय देशमुख- यवतमाल-वाशिम नागेश पाटिल अष्टिकर- हिंगोली संजय जाधव- परभणी राजाभाऊ वाजे– निसा भाऊसाहेब वाकचौरे- शिरडी संजय दीना पाटिल- उत्तर-पूर्व मुंबई फिलहाल ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन दिल्ली और महाराष्ट्र की राजनीतिक गतिविधियों के बीच इस मुद्दे ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। आने वाले दिनों में सांसदों की राजनीतिक स्थिति और दलों की रणनीति पर सबकी नजर बनी रहेगी। संजय/संतोष झा- ११ जून/२०२६/ईएमएस