- रेलवे ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश - यार्ड में संटिंग के दौरान बाल-बाल बचे रेल कर्मचारी - भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन के पास बड़ी लापरवाही भुवनेश्वर (ईएमएस)। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में गुरुवार को एक बड़ा रेल हादसा होने से बाल-बाल बच गया। झारपड़ा ब्रिज के पास एक ही रेल पटरी (ट्रैक) पर दो ट्रेनें आमने-सामने आ गईं, जिससे रेलवे महकमे और आस-पास के लोगों में हड़कंप मच गया। हालांकि, रेलवे अधिकारियों और ऑपरेटिंग स्टाफ की मुस्तैदी के चलते वक्त रहते दोनों ट्रेनों को रोक लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया। पूर्वतट रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) दीपक राउत ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि यह घटना किसी एक्सप्रेस, पैसेंजर या मालगाड़ी के बीच नहीं हुई है। दरअसल, एक खाली ट्रेन को सफाई (क्लीनिंग) के लिए ले जाया जा रहा था, जबकि दूसरी ट्रेन पहले से यार्ड की लाइन पर खड़ी थी। यार्ड में संटिंग (ट्रेनों को आगे-पीछे करने की प्रक्रिया) के दौरान ये दोनों ट्रेनें ट्रैक पर एक-दूसरे के काफी करीब आ गईं। मिली जानकारी के अनुसार, संटिंग के दौरान एक ट्रेन भुवनेश्वर स्टेशन से मंचेश्वर की ओर बढ़ रही थी, जबकि दूसरी विपरीत दिशा से आ रही थी। जैसे ही कंट्रोल रूम को दोनों के एक ही ट्रैक पर होने की भनक लगी, वैसे ही तुरंत आपातकालीन कदम उठाते हुए दोनों ट्रेनों को सुरक्षित दूरी पर ही रोक दिया गया। झारपड़ा ब्रिज एक बेहद व्यस्त रेलखंड है जहां से रोज दर्जनों ट्रेनें गुजरती हैं, इसलिए कुछ देर के लिए वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया था, लेकिन जल्द ही स्थिति को काबू में कर लिया गया। रेलवे सूत्रों ने पुष्टि की है कि इस घटना में किसी भी रेलकर्मी या अन्य व्यक्ति को कोई चोट नहीं आई है और सभी पूरी तरह सुरक्षित हैं। रूट को क्लियर करने के बाद ट्रेनों का परिचालन दोबारा सामान्य कर दिया गया है। इस गंभीर चूक को लेकर रेलवे प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है और मामले की उच्च स्तरीय विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं। इस जांच में सिग्नलिंग सिस्टम, ट्रैक मैनेजमेंट और ऑपरेटिंग नियमों की बारीकी से पड़ताल की जाएगी ताकि यह साफ हो सके कि इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई। सीपीआरओ दीपक राउत ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रामयश/ईएमएस 11 जून 2026