राष्ट्रीय
11-Jun-2026


-एचएएल के एक आंतरिक ऑडिट रिपोर्ट में हुआ खुलासा हैदराबाद,(ईएमएस)। भारत के स्वदेशी रक्षा कार्यक्रम को लेकर एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के एक आंतरिक ऑडिट में लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस एमके1ए प्रोग्राम के लिए सप्लाई किए जाने वाले पार्ट्स की 199 टेस्ट रिपोर्ट नकली पाई गई हैं। इस धोखाधड़ी का खुलासा होने के बाद एचएएल ने हैदराबाद की एक वेंडर कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। यह मामला सीधे तौर पर देश के सबसे अहम फाइटर जेट प्रोजेक्ट की सुरक्षा और क्वालिटी से जुड़ा है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एचएएल के एयरक्राफ्ट डिवीजन के डिप्टी जनरल मैनेजर रानू गुप्ता की शिकायत पर 2 जून को बेंगलुरु के एचएएल पुलिस स्टेशन में टीईसी ऐरो डिवाइस के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। कंपनी के सीईटो एम. शिवराम प्रसाद को आरोपी बनाया गया है और पुलिस ने कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज किया है। शिकायत में में बताया कि एचएएल ने 28 मार्च, 2022 से एलसीए-83 एमके-1ए प्रोजेक्ट से जुड़े पार्ट्स की सप्लाई के लिए 18 खरीद ऑर्डर जारी किए थे। सैंपल, टेस्ट रिपोर्ट और अन्य डॉक्यूमेंट जमा करने के बाद, कंपनी को 35 कैटेगरी के पार्ट्स बनाने के लिए अप्रूवल सर्टिफिकेट मिले थे और बल्क सप्लाई के दौरान उन्हें ओरिजिनल टेस्ट रिपोर्ट जमा करनी थी। बाद में एचएएल के क्वालिटी कंट्रोल डिपार्टमेंट ने टेन्साइल स्ट्रेंथ, हार्डनेस, ब्रेक लोड, शियर, एनडीटी, माइक्रोस्ट्रक्चर और सॉल्ट स्प्रे टेस्ट से जुड़ी ओरिजिनल रिपोर्ट मांगीं, लेकिन कंपनी पेश नहीं कर पाई। शिकायत के मुताबिक एचएएल को 22 नवंबर, 2023 को टीईसी ऐरो डिवाइस से एक माफीनामा मिला, जिसमें माना गया कि उसने हैदराबाद में दो गलत रिपोर्ट जमा की थीं। इसके बाद, टीईसी ऐरो डिवाइस ने 29 नवंबर, 2023 को एक ऑडिट किया ताकि टीईसी ऐरो डिवाइस द्वारा पहले जमा की गई टेस्ट रिपोर्ट की सच्चाई का पता लगाया जा सके। ऑडिट के दौरान एचएएल ने पाया कि फरवरी और सितंबर 2023 के बीच हैदराबाद की कंपनी द्वारा जमा की गई सभी 199 रिपोर्ट नकली थीं। यह भी पता चला कि रिपोर्ट एक्सिस इंपेक्शन सल्यूशन द्वारा जारी नहीं की गई थीं। एफआईआर में कहा गया है एक्सिस इंपेक्शन सल्यूशन ने एचएएल को बताया कि नकली रिपोर्ट बनाने और जमा करने के लिए उनके नाम और सिग्नेचर का गलत इस्तेमाल किया गया था। इसके बाद, एचएएल ने टीईसी ऐरो डिवाइस को 10 मार्च 2027 तक, यानी तीन साल के लिए कंपनी के साथ कारोबार करने से रोक दिया। साथ ही, यह भी बताया गया कि उस तारीख तक एयरक्राफ्ट डिवीज़न की ओर से टीईसी ऐरो डिवाइस को कोई पेमेंट नहीं किया गया था। सिराज/ईएमएस 11जून26