11-Jun-2026
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- गंभीर मारपीट के बाद एसपी कार्यालय पहुंचे ग्रामीण; बोले- गांव में या हम रहेंगे या वे गुना (ईएमएस)। जिले के बजरंगगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम गढ़लागिर्द में आदिवासी और पारदी समुदाय के बीच बढ़ते तनाव ने गंभीर रूप ले लिया है। मंगलवार को हुई मारपीट की घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। आरोप है कि कुख्यात बदमाश विक्की पारदी और उसके साथियों ने आदिवासी परिवार पर हमला कर दिया, जिसमें कल्याण सहरिया गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। घटना के विरोध में गुरुवार को बड़ी संख्या में आदिवासी ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंचे और कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया। ग्रामीणों का आरोप है कि गढ़लागिर्द में पिछले कुछ वर्षों से पारदी समुदाय के लोगों के बसने के बाद विवाद और मारपीट की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। उनका कहना है कि आदिवासी परिवार भय के माहौल में जीवन यापन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूर्व में भी कई घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण आरोपियों के हौसले बुलंद हैं। पीड़ित कल्याण सहरिया द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार दोपहर वह गांव के काली माता मंदिर पर प्रसाद बना रहा था। इसी दौरान विक्की पारदी वहां पहुंचा और बच्चों को चुस्की बेचने लगा। किसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया, जिसके बाद आरोपी ने डंडे से हमला कर दिया। मारपीट में कल्याण सहरिया के हाथ, पैर और कमर में गंभीर चोटें आईं। बीच-बचाव करने पहुंची उसकी बेटी मनीषा सहरिया को भी नहीं बख्शा गया और उसके साथ भी मारपीट की गई। घटना के दौरान मौजूद ग्रामीणों ने किसी तरह बीच-बचाव कराया। मनीषा सहरिया ने आरोप लगाया कि उसके पिता को इतनी बेरहमी से पीटा गया कि वे ठीक से बोल भी नहीं पा रहे हैं। उसने कहा कि जब वह अपने पिता को बचाने पहुंची तो उसके साथ भी मारपीट की गई। घटना के बाद परिवारजन शिकायत लेकर बजरंगगढ़ थाने पहुंचे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई और मामूली धाराओं में मामला दर्ज कर दिया गया। भाजपा नेता नीरज निगम ने बताया कि गढ़लागिर्द आदिवासी बाहुल्य और शांतिप्रिय गांव रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में लगातार विवाद बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण चक्काजाम करने की तैयारी में थे, लेकिन समझाइश के बाद उन्हें एसपी कार्यालय लाया गया। यहां पुलिस अधीक्षक हितिका वासल को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी दी गई है, जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उन्हें सुरक्षा नहीं मिली तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका आरोप है कि आरोपी खुलेआम गोली मारने की धमकियां दे रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है, जबकि गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए प्रशासन की नजर बनी हुई है। - सीताराम नाटानी