ग्वालियर ( ईएमएस )। दीनदयाल नगर स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर के 25 वीं स्थापना वर्ष के उपलक्ष्म में परम पूज्य मुनिश्री विधुव सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में ओर डीडी नगर जैन समाज के तत्वधान में सिद्धों की आराधना करने के लिए श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान महोत्सव एवं विश्वशांति महायज्ञ महोत्सव का आगाज हुआ। आज गुरुवार को महिलाओं ने बैंड बाजों के साथ मंगल कलश घटयात्रा निकाली गई। जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि विधान के पहले दिन सुबह गाजे बाजे के साथ मंगल कलश निकाली गई। मंगल कलश दिगंबर महावीर जैन मंदिर से शुरू हुई। घटयात्रा में सबसे आगे बच्चे हाथों में पंचरंगी जैन ध्वजा लेकर चल रहे थे। वही मंगल कलश महिलाएं केसरिया साड़ियों में सिर पर रखकर चल रही थी। भजनों और बैंड-बाजों की स्वरलहरियां, गूंजते मंगल गीत के साथ महिला-पुरुष झूमते, जयघोष करते हुए चल रहे थे। यहां मंगल कलश यात्रा मुख्य मार्गो से होते हुए वापस कार्यक्रम स्थल जैन मंदिर ग्वाल स्कूल परिसर में पहुँची। इंद्रो ने श्रीजी को सिर पर रखकर सिंहासन में विराजित किया। महिलाओं ने मंगल कलश के जल से पूजन के स्थल भूमि।के मंत्रों के साथ शुद्धि की। मंडप का उद्घाटन विक्रम निधि जैन डबरा परिवार ने किया। पंडित राजेंद्र जैन को आचार्य निमंत्रण मुख्य संयोजक बाबूलाल जैन, डॉ योगेश जैन, विपुल जैन, पवन जैन ओर रजनीश जैन ने श्रीफल वस्त्र भेट कर किया। संचालन डॉ योगेश जैन ने किया। विधान का शुभारंभ जैन ध्वजारोहण ओर दीप प्रज्वलित के साथ हुआ। जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि मुनिश्री विधुव सागर महाराज के सानिध्य में विधानाचार्य राजेंद्र जैन ने मंत्रों के साथ बिष्णु मीरा जैन परिवार ने ध्वजारोहण कर शुभारंभ किया। वही महावीर से स्वामी के चित्र का आवरण सुमतिचंद्र जैन महेश जैन एवं दीप प्रज्वलित शैलेश जैन ने किया। मुनिश्री के चरणों पाद प्रक्षालन बाबूलाल अनीता जैन ओर शास्त्र भेट रजनीश सीमा जैन ने किया। विधान में मंडप पर किया मंगल स्थापना, चढ़ाए महाअर्घ्य विधानाचार्य पंडित राजेंद्र जैन ने मंत्र उच्चारण कर विधान के पूजन मंडप पर मुख्य मंगल कलश की स्थापन मुन्नीदेवी जैन ने की। इसके बाद इंद्र - इंद्राणियों ने पूजा अर्चना के द्वारा श्री जिनेन्द्र भगवान को आठ महा अर्घ्य समर्पित किए।