राज्य
11-Jun-2026
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:: बालटाल में श्रद्धालुओं को मिलेंगे इंदौर के उसल-पोहा, जलेबी और दाल-बाटी; 3 जुलाई से शुरू होगी 57 दिवसीय सेवा :: इंदौर (ईएमएस)। नौलखा स्थित मनकामेश्वर कांटाफोड़ शिव मंदिर द्वारा इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के दौरान बालटाल में भक्तों के लिए भव्य लंगर की व्यवस्था की जाएगी। यह लगातार दूसरा मौका है जब इंदौर के इस मंदिर ट्रस्ट को श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की ओर से लंगर लगाने की विशेष अनुमति प्राप्त हुई है। इस लंगर की खासियत यह होगी कि देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा मार्ग पर इंदौर के प्रसिद्ध उसल-पोहा, जलेबी, कचौड़ी, खमण और मालवा के पारंपरिक व्यंजन दाल-बाटी व चूरमा का स्वाद चखने को मिलेगा। मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष व समाजसेवी विष्णु बिंदल, टीकमचंद गर्ग और संयोजक बी.के. गोयल ने बताया कि मंदिर समिति बालटाल में अमरनाथ बर्फानी सेवा दल (लुधियाना) के साथ मिलकर इस लंगर सेवा का संयुक्त संचालन करेगी। गौरतलब है कि पिछले 19 वर्षों से मंदिर से जुड़े श्रद्धालु इस लंगर के लिए इंदौर से राशन भिजवाते आ रहे थे, लेकिन अब सीधे वहां सेवा देने का अवसर मिला है। इस बार अमरनाथ यात्रा के दौरान 3 जुलाई से 28 अगस्त तक (कुल 57 दिनों के लिए) लंगर सेवा अनवरत चलाई जाएगी। :: इंदौर से रवाना होगी रसोइयों और सेवादारों की टीम :: मंदिर समिति ने लंगर संचालन के लिए तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी हैं। व्यवस्थाओं को संभालने के लिए 21 सदस्यीय विशेष दल और मालवी व्यंजन तैयार करने वाले कुशल रसोइयों (हलवाइयों) की टीम इसी माह के आखिरी सप्ताह में इंदौर से बालटाल के लिए रवाना होगी। :: जुलाई में जाएगा 100 श्रद्धालुओं का जत्था :: ट्रस्ट से जुड़े सुशील प्रजापत, हेमंत गर्ग और विजय काला ने बताया कि मंदिर समिति से जुड़े भक्तों का एक 100 सदस्यीय जत्था भी जुलाई के प्रथम सप्ताह में बालटाल के लिए प्रस्थान करेगा। इस जत्थे में शामिल सभी श्रद्धालुओं के पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) और ट्रेन की बुकिंग की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इंदौर से रवाना होने वाले ये सभी यात्री बाबा बर्फानी के दर्शन करने के साथ-साथ लंगर में सेवादार के रूप में अपनी सेवाएं भी देंगे। प्रकाश/11 जून 2026