राष्ट्रीय
11-Jun-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। देश में हाईस्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा खाका तैयार किया है। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के बाद अब राजधानी दिल्ली को देश के विभिन्न हिस्सों से जोड़ने के लिए कई नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर प्रस्तावित किए गए हैं। इन योजनाओं के तहत वाराणसी, अहमदाबाद, अमृतसर, जम्मू और सिलीगुड़ी जैसे प्रमुख शहरों को बुलेट ट्रेन नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी चल रही है। सबसे महत्वपूर्ण परियोजना दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर है। लगभग 865 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर ट्रेन हजरत निजामुद्दीन, नोएडा, जेवर, मथुरा, आगरा, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रतापगढ़, प्रयागराज और भदोही होते हुए वाराणसी पहुंचेगी। इस परियोजना के पूरा होने पर दिल्ली से वाराणसी की यात्रा 11-12 घंटे के बजाय लगभग 4 घंटे से भी कम समय में पूरी हो सकेगी। दूसरा प्रमुख कॉरिडोर दिल्ली-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल मार्ग होगा। यह मार्ग गुरुग्राम, रेवाड़ी, अलवर, जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, उदयपुर और हिम्मतनगर से होकर अहमदाबाद तक जाएगा। इससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय घटकर करीब साढ़े तीन से चार घंटे रह जाएगा। इसके अलावा दिल्ली-अमृतसर-जम्मू कॉरिडोर और दिल्ली-सिलीगुड़ी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की भी योजना बनाई गई है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य उत्तर भारत और पूर्वोत्तर क्षेत्र को तेज, सुरक्षित और आधुनिक रेल संपर्क प्रदान करना है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, देश के प्रमुख महानगरों को हाईस्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। यदि ये परियोजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो भारत का रेल परिवहन तंत्र एक नए युग में प्रवेश करेगा और लंबी दूरी की यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और सुविधाजनक हो जाएगी। सुबोध/११-०६-२०२६