नई दिल्ली (ईएमएस)। संयुक्त अरब अमीरात के शिक्षा मंत्रालय ने छात्रों और अभिभावकों के बीच चल रही भ्रम की स्थिति को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि कुछ विशेष परिस्थितियों में छात्रों को परीक्षा दोबारा देने की अनुमति ऑनलाइन या रिमोट माध्यम से दी जा सकती है। हालांकि मंत्रालय ने यह भी साफ किया है कि सामान्य परिस्थितियों में सभी अंतिम और केंद्रीय परीक्षाएं स्कूलों में उपस्थित होकर ही देनी होंगी। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, दिव्यांग छात्र, गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे छात्र, उपचार के लिए देश या विदेश में मौजूद विद्यार्थी तथा वैध कारणों से संयुक्त अरब अमीरात से बाहर रहने वाले छात्र रिमोट परीक्षा की सुविधा के पात्र हो सकते हैं। इसके अलावा किशोर सुधार गृहों में रह रहे नाबालिग छात्रों को भी यह सुविधा दी जा सकती है। ऐसी अनुमति स्कूल प्रशासन और संबंधित परीक्षा प्राधिकरण की मंजूरी के बाद ही मिलेगी। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी छात्र को केंद्रीय ऑनलाइन परीक्षा के दौरान तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ता है, तो स्कूल की जिम्मेदारी होगी कि वह तत्काल समस्या का समाधान करे। यदि समस्या समय रहते दूर नहीं हो पाती है, तो संबंधित छात्र को पुनर्परीक्षा या क्षतिपूर्ति परीक्षा का अवसर दिया जाएगा। शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि जिन छात्रों के पास परीक्षा देने के लिए उपयुक्त कंप्यूटर उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें स्कूलों की कंप्यूटर लैब या उपलब्ध उपकरणों के माध्यम से सहायता प्रदान की जाएगी। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी छात्र की परीक्षा केवल तकनीकी कारणों से प्रभावित न हो। मंत्रालय के इस स्पष्टीकरण को छात्रों और अभिभावकों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, लचीलापन और समान अवसर सुनिश्चित होंगे, जबकि शैक्षणिक मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सुबोध/११-०६-२०२६