पुणे (ईएमएस)। नई शिक्षा नीति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर एक अनोखे विरोध अभियान ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से शुरू किए गए इस व्यंग्यात्मक अभियान के तहत एक कथित ‘शिक्षा घोषणापत्र’ जारी किया गया, जिसमें मौजूदा शिक्षा व्यवस्था और सरकारी नीतियों पर कटाक्ष किया गया है। इस अभियान के पीछे शिक्षाविदों, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का एक समूह बताया जा रहा है। समूह का दावा है कि शिक्षा क्षेत्र में बढ़ती असमानता, सरकारी स्कूलों की चुनौतियां, उच्च शिक्षा की लागत और रोजगारोन्मुखी शिक्षा की कमी जैसे मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसी कारण व्यंग्य और रचनात्मक विरोध के माध्यम से अपनी बात लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की गई है। अभियान के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से तैयार कुछ तस्वीरें और पोस्टर भी सोशल मीडिया पर साझा किए गए। इनमें राजनीतिक प्रतीकों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े संदर्भों का उपयोग करते हुए शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए गए। इन तस्वीरों और पोस्टरों ने इंटरनेट पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम से जारी घोषणापत्र में शिक्षा बजट बढ़ाने, सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने, शिक्षकों की नियुक्तियों में तेजी लाने और विद्यार्थियों पर परीक्षा संबंधी दबाव कम करने जैसी मांगें उठाई गई हैं। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि यह किसी राजनीतिक दल का गठन नहीं, बल्कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों को रचनात्मक तरीके से सामने लाने का प्रयास है। हालांकि, इस पहल को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति का प्रभावी माध्यम बता रहे हैं, जबकि कुछ ने इसकी शैली पर आपत्ति भी जताई है। फिलहाल यह अभियान शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर नई बहस छेड़ने में सफल होता दिखाई दे रहा है। सुबोध/११-०६-२०२६