राज्य
11-Jun-2026


:: उच्च शिक्षा विभाग का प्रदेशव्यापी अभियान; प्राध्यापकों और कर्मचारियों को सिखाया जाएगा तनाव-अवसाद की पहचान और बचाव का हुनर :: इंदौर (ईएमएस)। प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों में अब विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण विभाग की प्राथमिकता होगा। सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय और निजी महाविद्यालयों के साथ विश्वविद्यालयों में कार्यरत प्राध्यापकों, शैक्षणिक सहायकों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के लिए विशेष ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 6, 7 और 8 जुलाई को होगा। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्राध्यापकों और कर्मचारियों को विद्यार्थियों की मानसिक चुनौतियों के प्रति जागरूक और संवेदनशील बनाना है। इसका उद्देश्य यह है कि यदि कोई विद्यार्थी तनाव, अवसाद या किसी मनोवैज्ञानिक समस्या से जूझ रहा हो, तो शिक्षक उसके प्रारंभिक संकेतों को पहचान सकें। इसके बाद उसे उचित परामर्श, सहायता और विशेषज्ञों तक पहुँचने के लिए प्रेरित कर सकें। विभाग का लक्ष्य उच्च शिक्षा संस्थानों को विद्यार्थियों के लिए एक सुरक्षित और सहयोगी वातावरण के रूप में विकसित करना है। :: प्रशिक्षण का शेड्यूल :: विभाग ने तीन दिवसीय कार्यक्रम की कार्ययोजना जारी की है: 6 जुलाई : शासकीय महाविद्यालयों के प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों के लिए। 7 जुलाई : निजी महाविद्यालयों के प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों के लिए। 8 जुलाई : विश्वविद्यालयों के प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों के लिए। :: एमएस-टीम्स पर होगा आयोजन :: विभाग ने निर्देश दिए हैं कि सभी प्रतिभागी अपने महाविद्यालय या विश्वविद्यालय परिसर में एकत्रित होकर एमएस-टीम्स के माध्यम से इस सत्र में शामिल होंगे। प्रशिक्षण के दौरान सत्र की फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य रूप से सुरक्षित रखने को कहा गया है। इसमें प्रतिभागियों को मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों की पहचान, संस्थागत सहायता और बचाव के उपायों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। :: विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित माहौल का संकल्प :: उच्च शिक्षा विभाग का मानना है कि इस पहल से शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों के प्रति अधिक संवेदनशीलता आएगी। जब शिक्षक और कर्मचारी इन मुद्दों के प्रति जागरूक होंगे, तो विद्यार्थी स्वयं को अकेला नहीं समझेंगे और समय रहते उन्हें बेहतर मार्गदर्शन मिल सकेगा, जिससे शैक्षणिक वातावरण और भी अधिक सकारात्मक बनेगा। प्रकाश/11 जून 2026