- राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की प्रोजेक्ट ऑफिसर डॉ. कीर्ति वर्मा ने किया स्थलीय अवलोकन, डीपीआर एवं मास्टर प्लान की समीक्षा गुना (ईएमएस)। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय अंतर्गत जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग की राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी), नई दिल्ली की प्रोजेक्ट ऑफिसर डॉ. कीर्ति वर्मा ने गुना जिले में प्रस्तावित गुनिया नदी पुनर्जीवन एवं सौंदर्यीकरण परियोजना की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तथा विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण से पूर्व डॉ. वर्मा ने कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल से मुलाकात की। इस अवसर पर जिला प्रशासन एवं सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों द्वारा उनका स्वागत एवं सम्मान किया गया। विभिन्न स्थलों का किया निरीक्षण डॉ. वर्मा ने गुनिया नदी के अंतर्गत सिंगवासा तालाब, कैंट मुक्तिधाम के पीछे का क्षेत्र, कालापाठा, बांसखेड़ी, बड़ा पुल, हाट रोड रपटा, शीतला माता मंदिर तथा सकतपुर स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) सहित विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नदी की वर्तमान स्थिति, जल प्रवाह, प्रदूषण नियंत्रण एवं पुनर्जीवन की संभावनाओं का अवलोकन किया। सीवरेज एवं जल उपचार व्यवस्थाओं की ली जानकारी निरीक्षण के दौरान डॉ. वर्मा ने नगर पालिका अधिकारियों से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), सीवरेज नेटवर्क तथा नदी में प्रवाहित होने वाले जल के उपचार संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने नदी संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण से जुड़े प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुझाव भी दिए। पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत की गई नदी पुनर्जीवन की कार्ययोजना बैठक के दौरान अपर कलेक्टर श्री अखिलेश जैन द्वारा पीपीटी के माध्यम से गुनिया नदी में पूर्व में उत्पन्न जलभराव एवं जल प्रवाह संबंधी समस्याओं की जानकारी दी गई। बताया गया कि नालों के संकरे एवं अवरुद्ध होने के कारण कई स्थानों पर जल निकासी प्रभावित हुई थी। इसके समाधान हेतु किए गए कार्यों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुतीकरण में गूगल इमेज, राजस्व विभाग के नक्शों, ड्रोन सर्वेक्षण तथा वीडियोग्राफी के माध्यम से नदी क्षेत्र का अध्ययन प्रदर्शित किया गया। साथ ही नागरिकों के सहयोग से किए गए कार्यों के पहले और बाद के फोटो भी प्रस्तुत किए गए, जिनसे नदी क्षेत्र में आए सकारात्मक परिवर्तनों को दर्शाया गया। ड्रोन सर्वे के माध्यम से दिखाए गए प्रस्तावित विकास कार्य निरीक्षण के दौरान जिन स्थलों का भ्रमण किया गया, उनका ड्रोन वीडियो भी प्रदर्शित किया गया। इसके माध्यम से वर्तमान स्थिति तथा भविष्य में प्रस्तावित विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। डीपीआर में चार स्टॉप डैम, पाथ-वे एवं साइकिल ट्रैक की जानकारी दी परियोजना की डीपीआर के संबंध में तकनीकी जानकारी देते हुए बताया गया कि सिविल सोसाइटी द्वारा दिल्ली की तकनीकी टीम द्वारा स्थल का टोपोग्राफी सर्वे भी कराया गया था। डीपीआर में नदी पर चार स्टॉप डैम निर्माण की जानकारी दी। साथ ही नदी के दोनों किनारों पर पैदल यात्रियों एवं साइकिल चालकों के लिए पाथ-वे विकसित किए जाने की योजना है। बैठक में परियोजना का थ्री-डी प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें परियोजना पूर्ण होने के बाद विकसित होने वाले स्वरूप की झलक दिखाई गई। बताया गया कि संपूर्ण परियोजना को स्व-संचालित (सेल्फ सस्टेनेबल) मॉडल पर विकसित किया जाएगा तथा प्रकाश व्यवस्था के लिए सोलर ऊर्जा आधारित लाइटिंग सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। टीएनसीपी ने प्रस्तुत किया गुनिया क्षेत्र का मास्टर प्लान बैठक के दौरान टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएनसीपी) विभाग द्वारा शहर का मास्टर प्लान का भी प्रस्तुतीकरण किया गया। इसमें नदी संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन, नागरिक सुविधाओं तथा दीर्घकालिक शहरी विकास की अवधारणा को शामिल किया गया। इस दौरान श्रीमती डॉ. वर्मा ने बताया सबसे पहले इसको साइंटिफिक स्टडी होती है जिसमें हाइड्रोलॉजिकल स्टडी, डीपीआर निर्माण, सीवेज ट्रीटमेंट, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सहित अन्य तकनीकी जानकारी दी। बैठक के समापन पर कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल द्वारा डॉ. कीर्ति वर्मा को स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित भगवान गणेश की प्रतिमा और गुना का धनिया भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर परियोजना से जुड़े अधिकारियों एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने गुनिया नदी पुनर्जीवन एवं सौंदर्यीकरण परियोजना को जिले के पर्यावरणीय एवं शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बतायाl - सीताराम नाटानी