व्यापार
12-Jun-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। कृत्रिम मेधा (एआई) के बढ़ते उपयोग और तेजी से हो रहे डिजिटल बदलावों के बल पर भारत की डेटा सेंटर मूल्य श्रृंखला के साल 2035 तक 280 अरब अमेरिकी डॉलर की संभावित ऑर्डर बुक हासिल करने की उम्मीद है। यह जानकारी एक परामर्श कंपनी ने दी। परामर्श कंपनी द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, डेटा सेंटर सुविधाओं के मूल ढांचे के निर्माण में 2035 तक लगभग 71.6 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष निवेश होने का अनुमान है। कंपनी ने बताया कि हालांकि, इससे जुड़े व्यापक परिवेश में इससे कहीं अधिक आर्थिक अवसर उपलब्ध होंगे, जो देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई गति देंगे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 280 अरब डॉलर के संभावित ऑर्डर अवसर का एक बड़ा हिस्सा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) उपकरणों से जुड़े क्षेत्र में होगा। चिप, सर्वर और नेटवर्किंग प्रणालियों जैसे आवश्यक उपकरण कुल पूंजीगत व्यय का 65-75 प्रतिशत हिस्सा बनाएंगे, जिनका अनुमानित मूल्य 180-210 अरब डॉलर है। यह आंकड़ा भारत में डेटा सेंटर उद्योग के तेजी से विस्तार और तकनीकी उन्नयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत देता है। सतीश मोरे/12जून ---