- भगवान की भक्ति के लिए व्यक्ति में अटूट श्रद्धा होना चाहिए- मुनिश्री ग्वालियर ( ईएमएस ) | दीनदयाल नगर स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर में परम पूज्य मुनिश्री विधुव सागर महाराज सानिध्य में चल रहें श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान महोत्सव एवं विश्वशांति महायज्ञ महोत्सव के दूसरे दिन आज शुक्रवार को इंद्रों ने भगवान पार्श्वनाथ कलशों से अभिषेक किया। वही भजनों पर इंद्र इन्द्राणियों नृत्य किया। जैन समाज प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि महोत्सव के विधानाचार्य पंडित राजेंद्र जैन ने मंत्र उच्चारण के साथ में भगवान पार्श्वनाथ का शुद्ध जल से प्रथम अभिषेक सौधर्म इंद्र महेंद्र जैन सहित इंद्रो जयकारों के साथ किया वही मुनिश्री ने अपने मुख्यबिंद से भगवान की शांतिधारा रजनीश सीमा जैन ओर शांतिदेवी महेंद्र जैन परिवार ने की। अभिषेक के उपरांत भगवान की महाआरती डॉ योगेश मनीषा अमन अनव जैन परिवार ने सामूहिक रूप से की। वही सिद्धचक्र महामंडल विधान श्रद्धाभाव के साथ प्रारंभ किया गया। विधान में इंद्रा इन्द्राणियों ने पीले वस्त्र धारण कर सिर पर मुकुट और गले में माला पहनकर भक्तिभाव के साथ पूजा अर्चना कर सिद्ध प्रभु की आराधना करते हुए महा अर्घ्य भगवान जिनेंद्र को समर्पित किए। *भगवान की भक्ति के लिए व्यक्ति में अटूट श्रद्धा होना चाहिए- मुनिश्री* विधान न मुनिश्री विधुव सागर महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हर मनुष्य सुख की प्राप्ति चाहत है। सुख तब मिलता है जब हम अपने जीवन की ईश्वर प्रदत्त शक्तियों का सदुपयोग करना सीख जाते हैं। भगवान की भक्ति के लिए व्यक्ति में अटूट श्रद्धा होना चाहिए। जैसे मैनसुंदरी के अंदर भगवान के प्रतीक अटूट श्रद्धा भक्ति थी।मनुष्य को अपने भगवान के प्रति पूरी तरह श्रद्धा समर्पित होना चाहिए। पूर्ण श्रद्धा से किया गया कोई भी कार्य पूरा होता है। मुनिश्री के चरणों का पाद प्रक्षालन सागर अजय जैन मेहगांव परिवार ओर शास्त्र भेट मीना देवी आशु शिखा जैन परिवार ने किया। मुनिश्री के चरणों में श्रीफल मुख्य संयोजक बाबूलाल जैन, डॉ योगेश जैन, विपुल जैन, पवन जैन, रजनीश ने भेंटकर आशीर्वाद लिया।। *विधान में ये होगे प्रतिदिन यह कार्यक्रम* जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि 11 से 17 जून तक प्रतिदिन प्रातः 6ः30 बजे से जाप्यअनुष्ठान, प्रात 7 बजे से श्री जिनेन्द्र भगवान का अभिषेक शांतिधारा, 8ः30 मुनिश्री के प्रवचन नित्य पूजन व सिद्धचक्र महामंडल विधान होगा। वही शाम 7 बजे से महाआरती, शास्त्र प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगे।