* गवाहों को दी जान से मारने की धमकी, शराब के नशे में मचाया उत्पात; जेल प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से फर्लो आदेश निरस्त किया अहमदाबाद (ईमएस)| वडोदरा केंद्रीय जेल के सजायाफ्ता कैदी नंबर 90093 मोंटू उर्फ मोंटू नामदार सुरेशचंद्र गांधी को दी गई फर्लो छुट्टी गुजरात जेल एवं सुधारात्मक प्रशासन विभाग ने तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया यह निर्णय नायब पुलिस महानिरीक्षक राकेश पी. बारोट द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के माध्यम से अहमदाबाद पुलिस आयुक्त को सूचित किया गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मोंटू गांधी को 9 जून 2026 को नकद जमानत और कड़ी शर्तों के आधार पर वडोदरा जेल से फर्लो पर रिहा किया गया था। लेकिन जेल से बाहर आते ही उसने नियमों की धज्जियां उड़ा दीं। बताया गया है कि उसी दिन शाम को मोंटू गांधी शराब के नशे में सीधे खाड़िया क्षेत्र स्थित एक हत्या मामले के घटनास्थल पर पहुंच गया। वहां उसने पटाखे फोड़कर हंगामा किया और मामले के गवाहों को खुलेआम धमकाते हुए कहा, “तुम लोगों ने गवाही दी, इसलिए मुझे सजा हुई है। अब तुम्हें जान से मार दूंगा।” घटना की जानकारी मिलते ही खाड़िया पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस ने मोंटू गांधी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(2), 296(बी), 54 तथा प्रोहिबिशन एक्ट की धारा 66(1)बी और 85 के तहत दो अलग-अलग मामले दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, मोंटू गांधी आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक गतिविधियों के रिकॉर्ड मौजूद हैं। आरोपी के व्यवहार को देखते हुए जेल प्रशासन ने उसकी फर्लो रजा तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है। सतीश/12 जून