सीवाई-टीबी टेस्ट आधारित निगरानी कार्यक्रम शुरू भोपाल(ईएमएस)। देश को क्षय रोग मुक्त बनाने के राष्ट्रीय अभियान को गति देने और स्वास्थ्य कर्मियों को टीबी संक्रमण से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एम्स भोपाल में सीवाई-टीबी टेस्ट आधारित टीबी सर्विलांस कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र, शेयर इंडिया, टीबी कोर कमेटी और एम्स भोपाल के संयुक्त सहयोग से शुरू किया गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों, नर्सों, प्रयोगशाला तकनीशियनों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों में टीबी संक्रमण की समय पर पहचान करना, उसके प्रसार को रोकना और आवश्यकता पड़ने पर समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। इससे स्वास्थ्य कर्मियों के साथ-साथ मरीजों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम का स्वागत उद्बोधन एवं संचालन डॉ. दीपा पारख सुराना (स्टेट प्रोजेक्ट ऑफिसर, शेयर इंडिया, मध्य प्रदेश) ने किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, संकाय सदस्यों और स्वास्थ्य कर्मियों का स्वागत करते हुए इस पहल के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर (कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ, एम्स भोपाल) ने कहा कि चिकित्सक, नर्स और अन्य स्वास्थ्य कर्मी प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीजों के संपर्क में आते हैं, इसलिए उनमें टीबी संक्रमण का खतरा अपेक्षाकृत अधिक रहता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवश्यक है। उन्होंने सीवाई-टीबी कार्यक्रम को एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए सभी विभागों और स्वास्थ्य कर्मियों से इसमें सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। इसके बाद डॉ. संजीव कुमार (प्रोफेसर, सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग तथा अध्यक्ष, टीबी कोर कमेटी, एम्स भोपाल) ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों की नियमित जांच, समय पर पहचान और आवश्यक उपचार के माध्यम से टीबी संक्रमण के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्यों और कार्यान्वयन की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की। तकनीकी सत्र में डॉ. अस्मिता (प्रोजेक्ट मैनेजर, सीवाई-टीबी, शेयर इंडिया) ने सीवाई-टीबी पहल की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य कर्मियों को गुप्त टीबी संक्रमण, टीबी निवारक उपचार तथा टीबी से बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की। कार्यक्रम में एम्स भोपाल के विभिन्न विभागों के चिकित्सकों, संकाय सदस्यों, स्वास्थ्य कर्मियों तथा शेयर इंडिया और रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने इस पहल को स्वास्थ्य कर्मियों में टीबी की रोकथाम, शीघ्र पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में अंकित दुबे (साइट कोऑर्डिनेटर, सीवाई-टीबी परियोजना) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वे कार्यक्रम के दौरान उपस्थित रहे और आयोजन के समन्वय में सक्रिय रूप से जुड़े रहे। हरि प्रसाद पाल / 12 जून, 2026