वाराणसी (ईएमएस)। भदन्त पन्नाकारा( वियतनाम )ने अपने धम्मोपदेश में कहा कि करुणा के सागर, सम्यक समबुद्ध तथागत भगवान बुद्ध का जीवन विश्व कल्याण के लिए समर्पित था। उन्होंने बौद्ध समुदाय के भीखुओं को धम्म चारिका का उत्तम सन्देश दिया। भदन्त पन्नाकारा धम्मा लर्निंग सेंटर, सारनाथ वाराणसी में भिखुओं, एवं उपासक उपसिकाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि तथागत बुद्ध के उपदेश भारत ही नहीं बल्कि, पुरे विश्व को आज जरुरत है। उन्होंने ज्ञान और तर्क पर आधारित समाज की परिकल्पना की थी। उनकी सोच में समतामुलक समाज की स्थापना थी। ज्ञात हो कि भदन्त पन्नाकारा समूचे अमेरिका में धमचरिका कर बुद्ध के सन्देश को जन -जन तक पहुंचाया है। उनके सारनाथ आगमन पर पूज्य चँदिमा भंते थेरो ने, भंते पदम्, भंते अस्स, धम्म रक्षित, भंते श्रेयस्कर एवं धम्म प्रकाश इत्यादि ने स्वागत अभिनन्दन किया। अपने सारनाथ आगमन पर पन्नाकारा ने मुलगंध कुटी एवं धम्मेख स्तूप में बुद्ध वंदना की। डॉ नरसिंह राम, 12 जून, 2026