रायपुर(ईएमएस)। राजधानी रायपुर के सेजबहार क्षेत्र में विकसित किए जा रहे एक बड़े आवासीय प्लॉटिंग प्रोजेक्ट को लेकर छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (सीजीरेरा) ने सख्त कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने रियल एस्टेट कंपनी गोदरेज प्रॉपर्टीज पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही परियोजना का वैध रेरा पंजीयन होने तक उसके प्रचार-प्रसार, बुकिंग, बिक्री और मार्केटिंग गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। रेरा की जांच में सामने आया कि कंपनी ने परियोजना का पंजीयन कराए बिना ही संभावित ग्राहकों से संपर्क करना शुरू कर दिया था। इतना ही नहीं, ग्राहकों से टोकन राशि और बुकिंग अमाउंट के रूप में 50 हजार रुपये तक लिए जा रहे थे। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि ग्राहकों को यह आश्वासन दिया जा रहा था कि रेरा पंजीयन मिलने के बाद उन्हें प्लॉट की विस्तृत जानकारी, साइट विजिट और आवंटन की प्रक्रिया से अवगत कराया जाएगा। प्राधिकरण ने इस पूरी प्रक्रिया को रेरा अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन माना है। रेरा के नियमों के अनुसार किसी भी आवासीय, व्यावसायिक या प्लॉटिंग परियोजना का विज्ञापन, प्रचार, मार्केटिंग, बुकिंग अथवा बिक्री शुरू करने से पहले उसका पंजीयन अनिवार्य है। पंजीयन के बिना ग्राहकों से धनराशि लेना या परियोजना का प्रचार करना कानूनन प्रतिबंधित है। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि परियोजना का प्रचार सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए किया जा रहा था। विभिन्न ऑफर और परियोजना संबंधी जानकारियां सार्वजनिक रूप से साझा कर ग्राहकों को आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा था। जबकि रेरा अधिनियम के तहत पंजीयन से पहले इस प्रकार की गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। सीजीरेरा ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि जब तक परियोजना को वैध रेरा पंजीयन प्राप्त नहीं हो जाता, तब तक किसी भी प्रकार की बुकिंग, बिक्री, विज्ञापन या मार्केटिंग गतिविधि नहीं की जाएगी। आदेश का उल्लंघन होने पर कंपनी के खिलाफ और अधिक कठोर कार्रवाई की जा सकती है। इस कार्रवाई के साथ ही रेरा ने आम नागरिकों और निवेशकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। प्राधिकरण ने कहा है कि किसी भी आवासीय या प्लॉटिंग परियोजना में निवेश करने से पहले संबंधित परियोजना का रेरा पंजीयन अवश्य जांच लेना चाहिए। रेरा पोर्टल पर परियोजना, बिल्डर, स्वीकृतियां और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध रहते हैं, जिनका अध्ययन कर निवेशक अपने निवेश को सुरक्षित बना सकते हैं। उल्लेखनीय है कि रेरा हाल के दिनों में रियल एस्टेट क्षेत्र में नियमों के पालन को लेकर लगातार सख्ती दिखा रहा है। तीन दिन पहले ही प्राधिकरण ने प्रदेशभर के 595 प्रमोटरों को नोटिस जारी किया था। जांच में 989 ऐसे आवासीय और हाउसिंग प्रोजेक्ट चिन्हित किए गए हैं, जो पूरी तरह विकसित हो चुके हैं, लेकिन वहां की रहवासी समितियों या एसोसिएशनों को अब तक कॉमन एरिया और साझा सुविधाओं का अधिकार नहीं सौंपा गया है। रेरा के अनुसार कई परियोजनाओं में अब तक सोसायटी का गठन नहीं किया गया है, जबकि कई जगह पार्क, सड़क, कम्युनिटी हॉल, ओपन स्पेस और अन्य साझा सुविधाएं भी निवासियों को हस्तांतरित नहीं की गई हैं। इस संबंध में सभी बिल्डरों और प्रमोटरों से 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है। निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने या संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिए जाने की स्थिति में रेरा अधिनियम 2016 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि रेरा की यह कार्रवाई रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल निवेशकों के हितों की रक्षा होगी, बल्कि बिल्डरों और प्रमोटरों को भी नियमों का पालन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। सत्यप्रकाश(ईएमएस)13 जून 2026