- सुसाइड नोट में टीसीएस की दो वरिष्ठ महिला अधिकारियों पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप पुणे, (ईएमएस)। महाराष्ट्र के पुणे स्थित आईटी हब हिंजवड़ी से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। खबर है कि मानसिक उत्पीड़न, कार्यस्थल पर लगातार बढ़ते दबाव और ऑफिस की राजनीति से परेशान होकर एक 48 वर्षीय आईटी इंजीनियर ने आत्महत्या कर ली। इस घटना ने आईटी सेक्टर में कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य और कार्यस्थल के माहौल को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक की पहचान अमित ब्राम्हे (48) के रूप में हुई है। आत्महत्या से पहले उन्होंने दो पन्नों का एक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसके आधार पर पुलिस ने आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (टीसीएस) की दो वरिष्ठ महिला अधिकारियों और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार, अमित ब्राम्हे ने 2 जून को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। शुरुआत में इसे व्यक्तिगत कारणों से जुड़ी घटना माना जा रहा था, लेकिन जांच के दौरान मिले सुसाइड नोट ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। सुसाइड नोट में अमित ने विस्तार से बताया कि वे लंबे समय से कार्यस्थल पर मानसिक दबाव और उत्पीड़न का सामना कर रहे थे। उन्होंने कुछ लोगों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। - वरिष्ठ महिला अधिकारियों पर गंभीर आरोप अमित ब्राम्हे ने अपने नोट में कंपनी की दो वरिष्ठ महिला अधिकारियों अर्चना और शाश्वती पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, दोनों अधिकारी उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही थीं। सुसाइड नोट में आरोप लगाया गया है कि- उनसे अच्छे और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अचानक वापस ले लिए गए। जानबूझकर अत्यधिक कठिन और दबाव वाले कार्य सौंपे गए। सहकर्मियों के सामने बार-बार अपमानित किया गया। नौकरी छोड़ने के लिए मानसिक दबाव बनाया गया। लगातार ऐसा माहौल बनाया गया जिससे वे तनाव और अवसाद में चले गए। मित्र पर भी लगाए बदनामी के आरोप अमित ने अपने मित्र विनोद पालिचा का भी सुसाइड नोट में उल्लेख किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विनोद ने उनके खिलाफ झूठी शिकायतें कीं और कंपनी में उनकी छवि खराब करने की कोशिश की। अमित के अनुसार, ऑफिस की राजनीति, बढ़ता कार्यभार और मित्र द्वारा कथित बदनामी ने उन्हें मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया था। - पुलिस ने दर्ज किया मामला सुसाइड नोट के आधार पर भोसरी पुलिस ने दो महिला अधिकारियों और विनोद पालिचा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। यह जांच सहायक पुलिस आयुक्त सुधाकर यादव के मार्गदर्शन में की जा रही है। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। - आईटी सेक्टर में मानसिक स्वास्थ्य पर फिर उठे सवाल इस दुखद घटना के सामने आने के बाद आईटी उद्योग में बढ़ते कार्यदबाव, मानसिक तनाव, कॉर्पोरेट उत्पीड़न और ऑफिस राजनीति को लेकर बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियों को कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान देना चाहिए और ऐसा कार्यस्थल बनाना चाहिए जहां कर्मचारी सुरक्षित, सम्मानित और मानसिक रूप से स्वस्थ महसूस कर सकें। - १३ जून/२०२६/ईएमएस