बिलासपुर (ईएमएस)। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा रामेश्वर जायसवाल को जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) बिलासपुर का प्रभार सौंपे जाने के बाद छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन एवं प्राचार्य मंच के पदाधिकारियों ने मुलाकात की। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा सहित बड़ी संख्या में प्राचार्यों ने उन्हें बुके भेंट कर मिठाई खिलाई। संघ के सदस्यों ने कहा कि रामेश्वर जायसवाल को शिक्षा विभाग में 31 वर्षों का प्रशासनिक एवं शैक्षणिक अनुभव है। उन्होंने व्याख्याता से लेकर प्राचार्य तक विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है और कोरबा तथा बिलासपुर में महत्वपूर्ण दायित्व संभाल चुके हैं। उनका मानना है कि डीईओ का पद केवल वरिष्ठता नहीं, बल्कि कार्यक्षमता, प्रशासनिक अनुभव और नेतृत्व क्षमता की भी मांग करता है। कार्यक्षमता और अनुभव को बताया नियुक्ति का आधार शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि विभाग ने नियमों के अनुरूप निर्णय लेते हुए योग्य अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों द्वारा व्यक्तिगत कारणों से विरोध किया जा रहा है, जबकि विभाग में हाल ही में बड़ी संख्या में नए प्राचार्यों को विभिन्न प्रशासनिक जिम्मेदारियां दी गई हैं। डीईओ बनने पर प्राचार्यों ने जताई खुशी इस दौरान संघ के संजय शर्मा, मनोज सनाड्य, अनिल साहू, तोषण गुप्ता, रामेश्वर गुप्ता, रामगोपाल साहू, शैलेष चौबे, संगीता पाण्डेय, विनीता सिन्हा, चिंता राम कश्यप, आर.के. डहरिया, प्रीति श्रीवास्तव, निवेदिता सरकार और पवन पटेल सहित कई प्राचार्य उपस्थित रहे। सभी ने रामेश्वर जायसवाल को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने की उम्मीद जताई। - 13 जून 2026