क्षेत्रीय
13-Jun-2026
...


बिलासपुर (ईएमएस)। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं सिम्स चिकित्सालय के डॉक्टरों ने चिकित्सा क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए लिवर में स्थित 12 सेंटीमीटर की विशाल हाइडेटिड सिस्ट को अत्याधुनिक लेप्रोस्कोपिक (दूरबीन) तकनीक से सफलतापूर्वक निकाल दिया। विशेषज्ञों के अनुसार लिवर के ऊपरी और अंदरूनी हिस्से में स्थित इतनी बड़ी हाइडेटिड सिस्ट का दूरबीन पद्धति से ऑपरेशन करना अत्यंत जटिल और जोखिमपूर्ण माना जाता है। उमरिया (सरगांव) निवासी 15 वर्षीय होमराज मिरी पिछले लगभग एक वर्ष से लगातार पेट दर्द से परेशान था। बेहतर इलाज की तलाश में वह कई निजी अस्पतालों के चक्कर लगाता रहा, लेकिन राहत नहीं मिली। अंतत: सिम्स पहुंचने पर विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उसकी विस्तृत जांच और सीटी स्कैन कराया। जांच में लिवर के भीतर करीब 12 सेंटीमीटर आकार की हाइडेटिड सिस्ट पाई गई, जिसमें लगभग एक लीटर परजीवी द्रव भरा हुआ था। विशेषज्ञों के अनुसार हाइडेटिड सिस्ट डॉग टेपवर्म नामक परजीवी के संक्रमण से बनती है। संक्रमित कुत्तों या पशुओं के संपर्क में आने से यह संक्रमण मनुष्यों में पहुंचता है और रक्त के माध्यम से शरीर के विभिन्न अंगों को प्रभावित कर सकता है। समय पर उपचार नहीं मिलने पर यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। इन डॉक्टरों की रही अहम भूमिका सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. ओम प्रकाश राज के नेतृत्व में डॉ. शुभा एक्का एवं उनकी टीम ने इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी को अंजाम दिया। ऑपरेशन के दौरान सिस्ट में भरे लगभग एक लीटर परजीवी द्रव को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया तथा संक्रमणग्रस्त हिस्से का उपचार किया गया। पूरी प्रक्रिया के दौरान विशेष सावधानी बरती गई ताकि सिस्ट का द्रव शरीर में फैलकर किसी प्रकार की जटिलता उत्पन्न न करे। सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति, डॉ. मिल्टन, सिस्टर इंचार्ज योगेश्वरी तथा नर्सिंग स्टाफ ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सफल ऑपरेशन के बाद मरीज तेजी से स्वस्थ हुआ और उसे पूरी तरह स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हाइडेटिड रोग के प्रति जागरूकता, स्वच्छता और समय पर जांच ही इससे बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। सिम्स की टीम ने इस जटिल मामले का सफल उपचार कर उत्कृष्ट चिकित्सकीय दक्षता का परिचय दिया है। डॉ. रमणेश मूर्ति, अधिष्ठाता (डीन), सिम्स यह सफलता साबित करती है कि सिम्स में आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ चिकित्सकों और बेहतर टीमवर्क के बल पर जटिल एवं दुर्लभ बीमारियों का भी सफल उपचार संभव है। डॉ. लखन सिंह, चिकित्सा अधीक्षक (एमएस), सिम्स - 13 जून 2026