- सकरी पुलिस ने चंद घंटों में दबोचे आरोपी, पुलिस की जांच जारी - कोलडिपो संचालक और उसके कर्मचारी मिलकर करते थे कोयले की अफरा-तफरी बिलासपुर (ईएमएस)। जिले में कोयला चोरी और मिलावट के एक संगठित खेल का खुलासा करते हुए सकरी पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दीपका कोल माइंस से भेजे गए उच्च गुणवत्ता वाले एफ/जी ग्रेड कोयले में हेराफेरी कर उसकी जगह निम्न गुणवत्ता का कोयला मिलाकर उद्योग को आपूर्ति की जा रही थी। मामले की शिकायत मिलते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि, भाटिया एनर्जी एंड कोल बेनिफिकेशन प्राइवेट लिमिटेड, लोखंडी के प्रतिनिधि आर.के. पाण्डेय ने 10 जून को सकरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 9 जून को दीपका कोल माइंस से एफ/जी ग्रेड का कोयला तीन ट्रेलरों के माध्यम से प्लांट के लिए भेजा गया था। 10 जून की सुबह जब कोयले की गुणवत्ता की जांच लैब में कराई गई तो उसमें निर्धारित ग्रेड का कोयला नहीं पाया गया। चालकों की पूछताछ में खुला राज पुलिस के अनुसार ट्रेलर चालकों से पूछताछ करने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि रास्ते में कोयले की चोरी कर उसकी जगह निम्न गुणवत्ता का कोयला मिलाया गया था। आरोप है कि यह पूरा खेल बालाजी कोल ट्रेडिंग एंड कंस्ट्रक्शन के संचालक और प्लांट के एक सुपरवाइजर की कथित मिलीभगत से अंजाम दिया गया। आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत उच्च गुणवत्ता वाले कोयले को निकालकर उसमें मिलावट कर प्लांट तक पहुंचाया। ये छह आरोपी दबोचे गए सकरी टीआई उमेश साहू ने बताया कि, पुलिस ने घेराबंदी कर झारखंड, बिलासपुर और दुर्ग से जुड़े छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में आशिक हुसैन अंसारी, फैजान रजा अंसारी, फुजैल अंसारी, गौरव राजपूत, सीबू खान और दिलीप कुमार यादव शामिल हैं। सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। कोयला कारोबार में हेराफेरी के नेटवर्क की जांच पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कोयला चोरी और मिलावट का यह खेल कब से चल रहा था तथा इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच एजेंसियां आरोपियों के बीच आर्थिक लेन-देन और पूरे नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही हैं। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। जिले में सक्रिय हैं सफेदपोश कोल माफिया जिले में कई ऐसे सफेदपोश कोल माफिया सक्रिय हैं, जो बरसों से कोयला चोरी, कोयले में मिलावट व अफरा-तफरी का काम कर रहे अथवा करवा रहे हैं। ये सफेदपोश कोल माफिया पर्दे के पीछे रहकर यह अवैध व चोरी का काम करते हैं, जिसके चलते ये कभी भी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाते। - 13 जून 2026