- सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक में दुर्घटनाओं के कारणों की समीक्षा, छह माह में 151 मौतों पर जताई चिंता बिलासपुर (ईएमएस)। जिले में बढ़ती सडक़ दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और नागरिकों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए शुक्रवार को जिला सडक़ सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर संजय अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य मार्गों और ग्रामीण सडक़ों पर होने वाली दुर्घटनाओं के कारणों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने स्पष्ट कहा कि सडक़ सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध रूप से खड़े ट्रक और भारी वाहन दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बन रहे हैं। ऐसे वाहनों को केवल निर्धारित पार्किंग स्थल और ले-बाय में ही खड़ा करने की अनुमति होगी। प्रारंभिक चरण में वाहन चालकों और मालिकों को चेतावनी दी जाएगी, लेकिन उसके बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ढाबों और होटलों को करनी होगी पार्किंग की व्यवस्था बैठक में सडक़ किनारे संचालित ढाबों और होटलों के कारण उत्पन्न हो रही अवैध पार्किंग की समस्या पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि ऐसे प्रतिष्ठानों को स्वयं पार्किंग की समुचित व्यवस्था करनी होगी। जरूरत पडऩे पर निजी भूमि मालिकों की सहमति से पार्किंग विकसित की जा सकती है। साथ ही सडक़ किनारे उपलब्ध शासकीय भूमि का सर्वे कर पार्किंग के लिए चिन्हांकन करने और वहां मार्गदर्शन के लिए कर्मचारियों की तैनाती करने के निर्देश दिए गए। बरसात में मवेशियों से दुर्घटनाओं की आशंका मानसून को देखते हुए कलेक्टर ने सडक़ों पर घूमने वाले मवेशियों के प्रभावी प्रबंधन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु में मवेशियों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसके लिए गोधन आश्रय स्थलों, गौठानों और गोधामों को पहले से तैयार रखने, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था तथा चारे-पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पेट्रोलिंग दलों और फ्लाइंग स्क्वॉड को नियमित निगरानी करने तथा अवैध रूप से संचालित ढाबों पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। छह माह में 151 लोगों की मौत चिंताजनक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बताया कि इस वर्ष सडक़ दुर्घटनाओं में कमी दर्ज की गई है, लेकिन अभी भी सुधार की काफी गुंजाइश है। पिछले छह महीनों में जिले में सडक़ दुर्घटनाओं के कारण 151 लोगों की जान गई है। रतनपुर, तखतपुर और मस्तूरी थाना क्षेत्र दुर्घटनाओं और मौतों के मामले में सबसे अधिक प्रभावित रहे हैं। उन्होंने थाना-वार दुर्घटनाओं की समीक्षा कर प्रमुख कारणों का विश्लेषण किया और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। नशे में वाहन चलाने वालों पर होगी एफआईआर एसएसपी ने कहा कि नशे की हालत में वाहन चलाना सडक़ हादसों का प्रमुख कारण बनकर सामने आया है। ऐसे मामलों में केवल चालानी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा जाएगा, बल्कि जरूरत पडऩे पर प्राथमिकी भी दर्ज की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों से समन्वित रूप से काम करने और सडक़ सुरक्षा को जन आंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया। ग्रामीण सडक़ों पर भारी वाहनों की आवाजाही चिंता का विषय बैठक में यह तथ्य भी सामने आया कि टोल टैक्स बचाने के लिए कई भारी वाहन ग्रामीण सडक़ों का उपयोग कर रहे हैं। इससे सडक़ें क्षतिग्रस्त होने के साथ-साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है। एसएसपी ने ऐसे वाहनों की पहचान कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, जिले के सभी एसडीएम, एसडीओपी, थाना प्रभारी, एनएचएआई, परिवहन, पशु चिकित्सा एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। - 13 जून 2026