राष्ट्रीय
13-Jun-2026


दोनों के रिश्तों में 2023-24 में काफी तनाव देखने को मिला था नई दिल्ली,(ईएमएस)। मालदीव स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है। खसरे के बढ़ते प्रकोप के बीच भारत ने मालदीव को 20,000 एमआर वैक्सीन डोज और करीब 3 टन मेडिकल मदद भेजी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत ने अपनी पड़ोसी पहले की नीति और विश्वसनीय ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ की भूमिका निभाते हुए यह मदद भेजी है। इस खेप में दवाइयां, सिरिंज, डायग्नोस्टिक किट और अन्य मेडिकल सामग्री शामिल हैं, ताकि खसरे के प्रकोप पर काबू पाया जा सके। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत और मालदीव के रिश्तों में 2023-24 के दौरान काफी तनाव देखने को मिला था। राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के सत्ता में आने के बाद ‘इंडिया आउट’ अभियान चर्चा में रहा और भारतीय सैन्यकर्मियों की मौजूदगी पर भी सवाल उठे थे। इसके अलावा पीएम मोदी और लक्षद्वीप को लेकर मालदीव के कुछ नेताओं की आपत्तिजनक टिप्पणियों से भी दोनों देशों के रिश्तों में खटास घोल दी थी। उस समय मालदीव पर चीन के प्रभाव को लेकर भी चर्चाएं तेज थीं, लेकिन 2025 के बाद हालात बदले। मुइज्जू ने भारत का दौरा किया, पीएम मोदी भी मालदीव गए और दोनों देशों ने आर्थिक, सुरक्षा और समुद्री सहयोग को लेकर कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए। रिपोर्ट के मुताबिक विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक खसरा एक बेहद संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करती है। संक्रमित व्यक्ति की छींक, खांसी या सांस की बूंदों से यह तेजी से फैलती है। इसके शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, नाक बहना, आंखें लाल होना और मुंह के अंदर सफेद धब्बे शामिल हैं। कुछ दिनों बाद चेहरे और गर्दन से शुरू होकर पूरे शरीर में दाने फैल जाते हैं। दिलचस्प बात यह है कि डब्ल्यूएचओ ने 2021 में मालदीव को खसरा-मुक्त देश के रूप में मान्यता दी थी, लेकिन अब वहां फिर से संक्रमण के मामले सामने आने लगे हैं। हिंद महासागर क्षेत्र में भारत लंबे समय से संकट के समय सबसे पहले मदद पहुंचाने वाले देश की भूमिका निभाता रहा है। चाहे प्राकृतिक आपदा हो, कोविड महामारी हो या स्वास्थ्य आपातकाल, भारत ने अपने पड़ोसी देशों को लगातार सहायता दी है। सिराज/ईएमएस 13जून26