छात्र इजराइली सरकार के साथ गूगल के कॉन्ट्रेक्ट का कर रहे थे विरोध वाशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएशन कार्यक्रम में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई अपना भाषण शुरू करने वाले थे कि कुछ छात्रों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद ही उत्साह का माहौल तनाव में बदल गया। खबरें हैं कि कुछ छात्रों ने वॉक आउट भी कर दिया, जिसके कारण कार्यक्रम खासा प्रभावित हुआ। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिचाई मंच पर पहुंचे और अपना भाषण शुरू करने वाले थे। इसके साथ ही छात्रों ने भी प्रदर्शन करना शुरू कर दिया और शोर मचाने लगे। खबर है कि कुछ छात्र नारेबाजी करते हुए मैदान छोड़कर भी बाहर चले गए। हालांकि, सिर्फ पिचाई ही नहीं, बल्कि कार्यक्रम में शामिल कई मेहमानों को अपने भाषण के दौरान ऐसे विरोध का सामना करना पड़ा। खबरें हैं कि छात्र इजराइली सरकार के साथ गूगल के कॉन्ट्रेक्ट का विरोध कर रहे थे। कुछ छात्र फ्री पैलेस्टीन का नारा भी लगा रहे थे। दरअसल, यह विरोध प्रोजेक्ट निम्बस को लेकर बताया जा रहा है। जबकि, पिचाई ने अपने भाषण में एआई का जिक्र भी नहीं किया और उन्हें छात्रों की नाराजगी का सामना करना पड़ा। खास बात है कि पिचाई भी स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के ही छात्र रह चुके हैं। 1.2 बिलियन डॉलर का यह प्रोजेक्ट क्लाउड कम्प्यूटिंग और एआई से जुड़ा हुआ है। इजराइली सरकार ने यह प्रोजेक्ट गूगल और अमेजन को दिया है। छात्रों का तर्क है कि यह प्रोजेक्ट इजराइली सरकार के कामों को समर्थन देता है। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हो रहा है, जब ईरान और अमेरिका शांति समझौते के करीब थे। हालांकि, अब इसपर मुहर लग चुकी है। कार्यक्रम के बाद जब छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर सवाल किया गया, तो पिचाई ने जवाब नहीं दिया। भाषण में भी उन्होंने सामान्य बातचीत की और एआई जैसे किसी टॉपिक का जिक्र नहीं किया। उन्होंने कहा कि मेरे लिए यह याद रखना मददगार है कि हर पीढ़ी ने अपने समय में अपनी तरह की मुश्किलों का सामना किया है। हमें यह चुनने का मौका नहीं मिलता कि हम किस दुनिया में जा रहे हैं, लेकिन हमें हमारे हालात तय करने का मौका मिलता है। सिराज/ईएमएस 15जून26