क्षेत्रीय
13-Jun-2026
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छत पर चल रही शराब पार्टी बंद कराने पहुंची पुलिस से हुड़दंगियों ने की धक्का-मुक्की, पांच हिरासत में इंदौर (ईएमएस)। शहर की पॉश और शांत बस्तियों में शुमार तुलसी नगर में अवैध रूप से संचालित हॉस्टलों और पेइंग गेस्ट (पीजी) मकानों के कारण सामाजिक वातावरण तेजी से बिगड़ रहा है। गुरुवार रात से शुरू हुई एक शराब पार्टी को बंद कराने पहुंचे पुलिसकर्मियों के साथ शुक्रवार तड़के हुए अभद्र व्यवहार की घटना ने रहवासियों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। व्यावसायिक गतिविधियों और असामाजिक तत्वों से त्रस्त नागरिकों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। रविवार (14 जून) से पूरी कॉलोनी में अवैध हॉस्टल संचालकों के खिलाफ हल्लाबोल हस्ताक्षर अभियान शुरू किया जा रहा है। :: भोर में चार बजे तक गूंजता रहा शोर, खाली प्लॉटों में फेंकी बोतलें :: प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्लॉट संख्या 306-बी स्थित एक हॉस्टल की छत पर गुरुवार रात से ही शराब पार्टी का दौर चल रहा थी। इसमें करीब 10 युवक और दो युवतियां शामिल थीं। देर रात से लेकर भोर तक तेज आवाज में शोर-शराबे और अश्लील भाषा के इस्तेमाल से आस-पास के परिवार सो नहीं सके। शुक्रवार तड़के करीब 4:45 बजे जब रहवासियों की सूचना पर डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची, तो नशे में धुत युवाओं ने पुलिसकर्मियों पर ही रौब जमाना शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हुड़दंगियों ने पुलिस के साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की। इस दौरान छत से कांच की बोतलें और प्लास्टिक के गिलास सड़क पर फेंके गए। बाद में थाने से अतिरिक्त बल बुलवाना पड़ा, तब जाकर स्थिति पर काबू पाया जा सका। पुलिस ने मौके से पांच हुड़दंगियों को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि इस हॉस्टल का संचालन निलेश साहू नामक व्यक्ति करता है। :: वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं में असुरक्षा का भाव :: तुलसी नगर के रहवासियों का आरोप है कि नगर निगम और जिला प्रशासन की लापरवाही के कारण आवासीय क्षेत्र में धड़ल्ले से व्यावसायिक हॉस्टलों और होटलों का जाल बिछ गया है। क्षेत्र की महिलाओं और बुजुर्गों का कहना है कि देर रात तक बाहरी तत्वों का जमावड़ा, नशाखोरी और बेतरतीब पार्किंग के कारण अब घर से निकलना भी दूभर हो गया है। कई बार इंदौर नगर निगम (आईएमसी) को लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन हर बार फाइलों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। :: तीन सवाल :: 01. आवासीय क्षेत्रों में बिना अनुमति के इतने बड़े पैमाने पर हॉस्टल और पीजी कैसे संचालित हो रहे हैं, नगर निगम का भवन अनुज्ञा विभाग मौन क्यों है? 02. क्या पुलिस प्रशासन के पास इन हॉस्टलों में रहने वाले बाहरी छात्रों और युवाओं का कोई रिकॉर्ड या अनिवार्य चरित्र सत्यापन (वेरिफिकेशन) है? 03. पुलिस पर हाथ उठाने वाले और नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले रसूखदारों के खिलाफ क्या प्रशासन एनएसए या अवैध निर्माण ढहाने जैसी सख्त कार्रवाई करेगा? :: कलेक्टर और निगम आयुक्त को सौंपेंगे ज्ञापन :: इस घटना के बाद शनिवार को रहवासी संघ की आपात बैठक हुई, जिसमें आंदोलन की रणनीति तय की गई। रविवार सुबह से कॉलोनी के हर घर में जाकर हस्ताक्षर कराए जाएंगे। नागरिकों का कहना है कि यह जन-आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक नगर निगम इन अवैध हॉस्टलों को सील नहीं कर देता। सोमवार को यह हस्ताक्षरित ज्ञापन कलेक्टर और निगम कमिश्नर को सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की जाएगी। प्रकाश/13 जून 2026