- शिवपुरी में महिला हिंसा निवारण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, अधिकारों और सहायता सेवाओं की दी जानकारी -आर्थिक आत्मनिर्भरता से ही महिलाओं को मिलेगा हिंसा के खिलाफ आत्मबल: बाल संरक्षण अधिकारी शिवपुरी(ईएमएस)। महिला हिंसा मुक्त समाज के निर्माण के लिए जागरूकता के साथ-साथ महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण बेहद जरूरी है। यह बात भारत विकास परिषद शाखा शिवपुरी द्वारा आयोजित महिला हिंसा निवारण एवं जागरूकता कार्यक्रम में वक्ताओं ने कही। कार्यक्रम न्यू ब्लॉक महिला एवं बाल विकास कार्यालय में आयोजित किया गया। इसमें महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा कानूनों और उपलब्ध सहायता सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। बाल संरक्षण अधिकारी राघवेन्द्र शर्मा ने कहा कि महिला हिंसा सामाजिक विकास की सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है। जागरूकता की कमी के कारण कई महिलाएं हिंसा सहन करती रहती हैं और आवाज नहीं उठा पातीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आर्थिक सशक्तिकरण महिलाओं को आत्मविश्वास देता है और अपने अधिकारों के लिए खड़े होने का आत्मबल प्रदान करता है। इसलिए महिलाओं को स्वरोजगार और कौशल विकास से जोड़ने के प्रयास तेज करने होंगे। वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक कंचन गौड़ ने घरेलू हिंसा और अन्य प्रकार की हिंसा से प्रभावित महिलाओं के पुनर्वास की प्रक्रिया और वन स्टॉप सेंटर द्वारा दी जाने वाली चिकित्सा, कानूनी, पुलिस और मनोवैज्ञानिक सहायता सेवाओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि संकट में फंसी कोई भी महिला 24 घंटे सेंटर की मदद ले सकती है। कार्यक्रम में भारत विकास परिषद के अध्यक्ष गणेश धाकड़ ने परिषद द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। सचिव अमित सहगल ने संगठन की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष विवेक शर्मा, कार्यक्रम संयोजक सरला वर्मा, प्रीति जैन, रवजीत ओझा सहित परिषद के सदस्य और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। रंजीत गुप्ता, १३ जून २०२६