- माहेश्वरी मांगलिक भवन में भागवत ज्ञान यज्ञ: धूमधाम से मना गोवर्धन उत्सव, आज गूंजेगा कृष्ण-सुदामा चरित्र इंदौर (ईएमएस)। दुनिया में धन, वैभव, पद, प्रतिष्ठा और भोग-विलास के भौतिक साधनों से कुछ समय का सुख तो मिल सकता है, लेकिन अंतरात्मा का सच्चा आनंद नहीं। वास्तविक आनंद की अनुभूति केवल परमात्मा के सानिध्य और उनकी अनन्य भक्ति से ही संभव है। भगवान कहीं और नहीं, बल्कि हमारे अंतर्मन में ही विराजमान हैं, बशर्ते हम मन का मंथन करें। जिस तरह मंथन के बाद ही मक्खन से घी निकलता है, उसी तरह निर्मल मन से किया गया चिंतन ईश्वर का साक्षात्कार कराता है। भक्ति के मार्ग पर यह सदैव स्मरण रहे कि मन की पवित्रता और अटूट श्रद्धा के बिना की गई आराधना कभी फलीभूत नहीं होती। ये प्रेरक विचार श्रीधाम वृन्दावन से आए आचार्य मनीष भाई ने व्यक्त किए। वे एबी रोड पर चिड़ियाघर के सामने स्थित माहेश्वरी मांगलिक भवन पर चल रहे भागवत ज्ञान यज्ञ में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी भक्ति में संपूर्णता और अखंड निष्ठा होनी चाहिए। कथा के दौरान शनिवार को गोवर्धन पूजा का उत्सव बड़े ही उल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भगवान को छप्पन भोग अर्पित किए गए। बाल ग्वालों ने भगवान और गोवर्धन पर्वत की पूजा का सजीव दृश्य उपस्थित किया, जिसे देख श्रद्धालु भावविभोर हो गए। आयोजन के प्रथम दिन से ही ब्रज भूमि से आए संगीतज्ञों और गायकों के भजनों का जादू छाया हुआ है। भजनों की मधुर धुनों पर महिला श्रद्धालु भक्ति भाव में डूबकर नृत्य करती नजर आईं। कथा के शुभारंभ के पूर्व शहर के अनेक प्रबुद्ध जनों और समाजसेवियों ने व्यास पीठ का विधि-विधान से पूजन कर आरती की। इसमें प्रमुख रूप से समाजसेवी राजेंद्र प्रसाद केडिया, राधेश्याम अग्रवाल, सुनील कुमार केडिया, प्रवीण कुमार केडिया और मप्र कांग्रेस कमेटी के उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ के संयोजक अरविंद बागड़ी सहित अनेक विशिष्ट जन सम्मिलित हुए। :: आज जीवंत होगा कृष्ण-सुदामा प्रसंग :: माहेश्वरी मांगलिक भवन में चल रही इस कथा का समय प्रतिदिन दोपहर 3:30 से सायं 7 बजे तक निर्धारित किया गया है, जहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी जनता उमड़ रही है। इसी कड़ी में रविवार, 14 जून को कथा में भगवान श्रीकृष्ण और उनके अनन्य सखा सुदामा के दिव्य चरित्र का प्रसंग सुनाया जाएगा। प्रकाश/13 जून 2026