राज्य
13-Jun-2026
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:: बेहतर नीति निर्माण के लिए जनभागीदारी जरूरी, 22 जून तक वेबसाइट पर दे सकेंगे राय, जिलों में चलेगा जागरूकता अभियान :: इंदौर (ईएमएस)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के संबंध में नीति निर्माण जनसामान्य के सुझावों के आधार पर ही किया जाएगा। बेहतर नीति के लिए व्यापक जनभागीदारी अनिवार्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को वीसी (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) के माध्यम से जिला कलेक्टर्स को संबोधित करते हुए निर्देश दिए कि प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक संख्या में सुझाव आमंत्रित करने के लिए सभी जिलों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों से भी इस विषय पर अपने सुझाव देने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। वहीं, इंदौर से संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े और कलेक्टर शिवम वर्मा वीसी के माध्यम से जुड़े। संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने बताया कि संभाग में समाज और जनप्रतिनिधियों को जोड़कर विशेष जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। कलेक्टर वर्मा ने भी महत्वपूर्ण सुझाव दिये। :: वेबसाइट पर सुझाव देना बेहद सरल :: मुख्यमंत्री ने बताया कि समान नागरिक संहिता के बारे में 22 जून तक सुझाव आमंत्रित हैं। इसके लिए विशेष वेबसाइट ucc.mp.gov.in शुरू की गई है, जहाँ प्रक्रिया बेहद सरल है। फॉर्म में बुनियादी जानकारी भरने के बाद केवल 12 प्रश्नों के उत्तर हाँ या ना में देने हैं, जो मोबाइल ओटीपी से सत्यापित होकर जमा हो जाएंगे। :: नगरीय से लेकर ग्राम स्तर तक दी जाएगी जानकारी :: डॉ. यादव ने नगरीय क्षेत्रों के स्कूल-कॉलेजों, सामाजिक-व्यापारिक संस्थाओं और बार काउंसिल में चर्चा सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए। ग्राम स्तर पर रोजगार सहायक, पंचायत सचिव और स्व-सहायता समूहों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाई जाएगी तथा इसके लिए विशेष ग्राम सभाएं भी होंगी। गौरतलब है कि प्रदेश में विवाह, तलाक, भरण-पोषण और उत्तराधिकार जैसे पारिवारिक विषयों के पृथक प्रावधानों का समग्र परीक्षण कर एक सुदृढ़ विधिक संरचना विकसित करने के लिए राज्य शासन ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है, जिसकी अनुशंसाओं के लिए यह प्रक्रिया अपनाई जा रही है। प्रकाश/13 जून 2026