- ठाणे दौरे पर आई नई विभागीय आयुक्त ने दिया सरकारी राजस्व की चोरी रोकने के लिए विशेष अभियान के निर्देश ठाणे, (ईएमएस)। ठाणे जिले और पूरे कोकण क्षेत्र में अवैध गौण खनिज (रेत, मुरूम, पत्थर आदि) के उत्खनन से सरकारी राजस्व को हो रहे भारी नुकसान पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। कोकण विभाग की नवनियुक्त विभागीय आयुक्त रुबल अग्रवाल ने शनिवार को ठाणे जिला प्रशासन के साथ समीक्षा बैठक कर अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बिना अनुमति खनन करने वाले, तय सीमा से अधिक उत्खनन करने वाले तथा जुर्माना चुकाने से बचने वालों पर कड़ी नजर रखी जाए और ऐसे मामलों में मौके पर ही दंड वसूली की जाए। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सरकारी राजस्व की चोरी करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाएगी। - पहले ही दौरे में दिखाया सख्त रवैया विभागीय आयुक्त का पदभार संभालने के बाद रुबल अग्रवाल शनिवार को पहली बार ठाणे दौरे पर पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने जिला कलेक्टर कार्यालय में विभिन्न केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की समीक्षा बैठक ली। बैठक में ठाणे के जिलाधिकारी श्रीकृष्णकांत पांचाल, अतिरिक्त जिलाधिकारी, निवासी जिलाधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में आयुक्त ने कहा कि अवैध गतिविधियों को किसी भी स्तर पर संरक्षण नहीं दिया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए। - ऐसे होता है सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान बैठक में अधिकारियों ने बताया कि ठाणे और आसपास के क्षेत्रों में कई तरह से अवैध खनन किया जा रहा है, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। मुख्य रूप से निम्नलिखित तरीके सामने आए हैं- बिना किसी वैध अनुमति के खनिजों का अवैध उत्खनन। प्रशासन से कम मात्रा की अनुमति लेकर वास्तविकता में कई गुना अधिक खनन करना। उदाहरण के तौर पर 100 ब्रास खनन की अनुमति लेकर 500 से 1000 ब्रास तक उत्खनन करना। अवैध खनन पकड़े जाने पर लगाए गए जुर्माने की वसूली को लंबित अपीलों के जरिए वर्षों तक टालना। एक ही रॉयल्टी रसीद का उपयोग कर खनिजों का कई बार परिवहन करना और परिवहन कर की चोरी करना। आयुक्त ने इन सभी अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए निगरानी और प्रवर्तन को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए। - ‘आपले सरकार’ केंद्रों का भी किया निरीक्षण जिला कलेक्टर कार्यालय की बैठक के बाद रुबल अग्रवाल ने नागरिकों को विभिन्न प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने वाले ‘आपले सरकार’ सेवा केंद्रों का भी दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद नागरिकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों से सीधे बातचीत की और पूछा कि- क्या प्रमाणपत्र समय पर मिल रहे हैं? कहीं अतिरिक्त पैसे तो नहीं मांगे जाते? क्या लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है? आयुक्त ने स्वयं केंद्रों की कार्यप्रणाली का निरीक्षण कर पारदर्शिता और सेवा गुणवत्ता का आकलन किया। - विद्यार्थियों और अभिभावकों को नहीं होगी परेशानी नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के कारण स्कूलों और कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। इसे ध्यान में रखते हुए आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों और अभिभावकों को जाति, निवास, आय या अन्य आवश्यक प्रमाणपत्र प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रमाणपत्र जारी करने की पूरी प्रक्रिया तेज, सरल और पारदर्शी होनी चाहिए ताकि छात्रों की पढ़ाई और प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित न हो।