:: 30 जिलों के 283 केंद्रों पर परीक्षा, इंदौर में सबसे ज्यादा 57 सेंटर; राष्ट्रपति के दौरे को लेकर सीएम ने की समीक्षा :: भोपाल/इंदौर (ईएमएस)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को कलेक्टर्स वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के जरिए मैदानी अफसरों को दोटूक हिदायत दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी 21 जून को होने वाली नीट (NEET) परीक्षा का संचालन पूरी तरह निर्विघ्न और सुव्यवस्थित होना चाहिए। परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों को कोई परेशानी नहीं आनी चाहिए, उनके साथ पुलिस और प्रशासन का रवैया पूरी तरह सकारात्मक और मददगार हो। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर विशेष नजर रखने के निर्देश देते हुए कहा कि परीक्षा को लेकर यदि कोई भ्रामक खबर या अफवाह सामने आती है, तो प्रशासन तत्काल सच्चाई के साथ उसका खंडन करे। मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 30 जिलों में नीट परीक्षा के लिए कुल 283 केंद्र बनाए गए हैं। इस बार भी आर्थिक राजधानी इंदौर में सबसे ज्यादा 57 परीक्षा केंद्र रहेंगे। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सभी केंद्रों पर भीषण गर्मी को देखते हुए ठंडे पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम जिला प्रशासन सुनिश्चित करे। इसके साथ ही परीक्षा के दिन ट्रैफिक जाम की स्थिति न बने, इसके लिए पुलिस विशेष प्लान बनाकर काम करे। :: राष्ट्रपति मुर्मू के दौरे की तैयारियां तेज :: बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के आगामी मध्य प्रदेश प्रवास को लेकर भी समीक्षा की। उन्होंने राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा, प्रोटोकॉल और अन्य आवश्यक प्रशासनिक तैयारियों को समय पर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं। :: मंत्रियों को देना होगा रिपोर्ट कार्ड, बनेगी विकास पुस्तिका :: सरकार अब जिला स्तर पर चल रही जनकल्याणकारी और विकास योजनाओं की बेहद बारीक समीक्षा (माइक्रो-प्लानिंग) करने जा रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सभी जिलों के विकास कार्यों का दस्तावेजीकरण किया जाए और इसके आधार पर हर जिले की विकास पुस्तिका तैयार की जाए। :: भाषण नहीं, अब देना होगा हिसाब :: आगामी 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) को जिला स्तर पर होने वाले मुख्य समारोहों में प्रभारी मंत्री अपने भाषण के दौरान केवल औपचारिक बातें नहीं करेंगे, बल्कि वे मंच से उस जिले की विशिष्ट उपलब्धियों और विकास का पूरा ब्योरा (प्रोग्रेस रिपोर्ट) जनता के सामने रखेंगे। प्रभारी मंत्रियों के उद्बोधन से ठीक पहले राज्य स्तर से मुख्यमंत्री का संदेश प्रसारित किया जाएगा। :: जुलाई में होगी कलेक्टर्स-एसपी कॉन्फ्रेंस :: प्रशासनिक कसावट लाने और कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जुलाई माह में राज्य स्तरीय कलेक्टर्स-एसपी कॉन्फ्रेंस बुलाने का फैसला किया है। इस कॉन्फ्रेंस में जिलों के कामकाज की कड़ाई से समीक्षा की जाएगी और भविष्य का रोडमैप तय होगा। शनिवार को हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, अनुपम राजन और शिव शेखर शुक्ला भी उपस्थित थे। प्रकाश/13 जून 2026