क्षेत्रीय
14-Jun-2026
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- बस्ती में घुसकर घरों के शटर उखाड़े, फसलों को रौंदा - लोग अपने घरों के बाहर या छतों पर सोने को मजबूर, ग्रामीणों में भारी आक्रोश चतरा (ईएमएस)। जिले के टंडवा थाना क्षेत्र अंतर्गत ढहूं गांव में देर रात एक जंगली हाथी के अचानक घुस आने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। घटना रात करीब 1 बजे की है, जब भीषण गर्मी के कारण गांव के अधिकांश लोग अपने घरों के बाहर या छतों पर सो रहे थे। इसी बीच एक हाथी चिंघाड़ते हुए सीधे बस्ती में दाखिल हो गया, जिससे ग्रामीणों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन हाथी ने काफी देर तक गांव में रुककर जमकर उत्पात मचाया और भारी नुकसान पहुंचाया। हाथी ने सीधे रिहायशी इलाके और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए लीलू महतो, राजेंद्र महतो और नामधारी महतो के घरों व दुकानों के लोहे के मजबूत शटर उखाड़ फेंके। इसके बाद उसने दो अन्य घरों की खिड़कियां तोड़ दीं और अंदर रखा कई क्विंटल चावल निकालकर खा गया। हाथी यहीं नहीं रुका, उसने खेतों में लगी सब्जी की फसलों को भी पूरी तरह रौंद डाला। ग्रामीणों के अनुसार हाथी काफी आक्रामक था और किसी भी समय कोई बड़ी अप्रिय घटना घट सकती थी, लेकिन स्थानीय लोगों ने किसी तरह छिपकर खुद को सुरक्षित रखा। इस संकट के दौरान ग्रामीण खुद को पूरी तरह असहाय महसूस कर रहे थे और मदद के लिए इधर-उधर संपर्क करने की कोशिश में जुटे रहे। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति भारी आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय निवासी दीपक कुमार सहित अन्य लोगों का आरोप है कि हाथियों को रिहायशी इलाकों से खदेड़ने के लिए विभाग ने लाखों रुपए खर्च कर विशेष प्रशिक्षित क्विक रिस्पांस टीम तैयार की है, लेकिन मौके पर कोई नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने बताया कि स्थानीय स्तर पर चार युवकों को इसके लिए विशेष ट्रेनिंग दी गई है, लेकिन वे सिर्फ मानदेय लेने तक ही सीमित हैं। आरोप है कि आधी रात को पुख्ता सूचना देने के बावजूद रिस्पॉन्स टीम ने आने से साफ मना कर दिया, वहीं वन क्षेत्र समिति के अध्यक्ष का रवैया भी बेहद संवेदनहीन रहा। फिलहाल ग्रामीण हुए नुकसान के उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं और लापरवाह कर्मियों को पद से हटाने की जिद पर अड़े हैं। - ईएमएस 14 जून 2026