15-Jun-2026
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प्रशासन ने मेले को सकुशल संपन्न कराने 6 सुपर जोन, 16 जोन और 40 सेक्टर बनाए हरिद्वार,(ईएमएस)। सोमवती अमावस्या पर हरिद्वार में आस्था का नजारा देखने को मिला। सुबह से ही हर की पौड़ी समेत गंगा के प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पूजा-अर्चना की। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस प्रशासन अलर्ट रहा। जिलाधिकारी और एसएसपी ने खुद ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने बताया कि करीब तीन सौ साल बाद ऐसा दुर्लभ योग बना है। ग्रहों की वर्तमान स्थिति, समवर्ती अमावस्या और ज्यादा मास का यह संयोग बना है। यह अपने आप में विशेष है। हरिद्वार समेत प्रयागराज, सरयू तट और अन्य सभी तीर्थस्थलों के लिए इसका विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि जो लोग पूरे मास व्रत रखते हैं, उन्हें सोमवती अमावस्या के दिन अपने पूर्वजों और पितरों का तर्पण करना चाहिए। जहां-जहां नदियां और संगम हैं, वहां स्नान करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति घर पर ही है, तो वह स्नान के जल में थोड़ा-सा गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकता है और अपने पूर्वजों का स्मरण कर सकता है। अमावस्या के दिन पितृ-तर्पण का विशेष महत्व माना जाता है। अपने पितरों की मुक्ति और कल्याण के लिए प्रार्थना करनी चाहिए। यह शुभ और सुलभ योग है। रिपोर्ट के मुताबिक पुरी ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने भगवद्गीता में कहा है कि वृक्षों में मैं अश्वत्थ (पीपल) हूं, देवर्षियों में नारद हूं, सिद्धों में कपिल मुनि हूं और गंधर्वों में चित्ररथ हूं। इसलिए संसार के समस्त वृक्षों में पीपल का विशेष स्थान है। पीपल एक ऐसा वृक्ष माना जाता है जो चौबीसों घंटे ऑक्सीजन प्रदान करता है। इसी कारण हमारे ऋषियों ने इसकी पूजा और संरक्षण की परंपरा स्थापित की। पीपल का अभिषेक कर उसे जल अर्पित करना चाहिए। उन्होंने बताया कि सोमवती अमावस्या के दिन सर्वप्रथम गंगा स्नान करना चाहिए और उसके बाद भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए। जिलाधिकारी ने बताया कि सोमवती अमावस्या का स्नान जारी है। प्रशासन की ओर से घाटों पर सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। वहीं एसएसपी ने बताया कि मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए 6 सुपर जोन, 16 जोन और 40 सेक्टर बनाए गए हैं, जिनमें डिप्टी एसपी, सीओ, इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, बीडीएस और डॉग स्क्वायड टीमों को भी लगाया गया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं। सिराज/ईएमएस 15जून26