सक्ती(ईएमएस)। जिले के मालखरौदा थाना क्षेत्र के ग्राम छपोरा में सामने आए चर्चित फर्जी एसबीआई बैंक प्रकरण में पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। यह पूरा मामला नौकरी दिलाने के नाम पर की गई संगठित ठगी से जुड़ा है, जिसमें आरोपियों ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये की वसूली की थी। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने फर्जी एसबीआई बैंक शाखा जैसी गतिविधियां संचालित कर लोगों को कैशियर की नौकरी दिलाने का झांसा दिया और उनसे कुल 7 लाख 71 हजार 800 रुपये की ठगी की। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मंथिर दास मानिकपुरी (32 वर्ष, निवासी परसाडीह), रेखा साहू (35 वर्ष, निवासी सेंहाभांटा, वर्तमान में कुंआमलगी) और मिलन साहू (26 वर्ष, निवासी कुंआमलगी) शामिल हैं। इनके संबंध कबीरधाम और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों से भी जुड़े पाए गए हैं। मामले का खुलासा तब हुआ जब एसबीआई क्षेत्रीय कार्यालय कोरबा के प्रतिनिधि जीवराखन कावड़े ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि ग्राम छपोरा में फर्जी बैंक शाखा चलाकर युवाओं को कैशियर पद पर नौकरी देने का लालच दिया जा रहा है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पीड़ितों को फर्जी नियुक्ति पत्र (अपॉइंटमेंट लेटर) तक जारी किए गए थे, जिससे उन्हें विश्वास में लेकर बड़ी रकम वसूली गई। बैंक जैसी गतिविधियां अपनाकर आरोपियों ने लोगों को लंबे समय तक भ्रमित रखा। इससे पहले इस मामले में अनिल भास्कर, नरेंद्र साहू, हीरा दिवाकर उर्फ कुणाल दिवाकर, टुकेश्वर दास महंत, सुभद्रा महंत और पंकज टंडन सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। कुछ आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल और एसडीओपी सक्ती डॉ. भुवनेश्वरी पैंकरा के निर्देशन में चल रही इस कार्रवाई में लगातार फरार आरोपियों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। सत्यप्रकाश(ईएमएस)15 जून 2026