अंतर्राष्ट्रीय
16-Jun-2026
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एवियान,(ईएमएस)। शांति समझौते की दिशा में बड़ा कदम, तनाव अभी भी बरकरार करीब चार महीने तक पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अस्थिरता के बाद आखिरकार ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते की उम्मीदें बढ़ गई हैं। दोनों देशों ने युद्धविराम और शांति समझौते पर सहमति व्यक्त की है, हालांकि अभी भी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर तनाव बरकरार है और दोनों पक्ष अपने-अपने दावे पेश कर रहे हैं। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका देश ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों में किसी तरह की कोई रियायत नहीं देगा। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि डील के तहत ईरान को कोई राहत नहीं दी जाएगी। फ्रांस के एवियान शहर में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति ने पत्रकारों से बातचीत में यह बयान दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि यह पूरी तरह से ईरान के व्यवहार पर निर्भर करेगा कि वह अपनी शर्तों को कितना पूरा करता है। इस दौरान उन्होंने अपनी प्रस्तावित डील की तुलना पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा साल 2015 में किए गए परमाणु समझौते से भी की। ट्रंप का सीधा संदेश ईरान के व्यवहार पर निर्भर करेगा सब कुछ जब पत्रकारों ने राष्ट्रपति से पूछा कि क्या इस समझौते के तहत ईरान को प्रतिबंधों से कोई राहत मिलेगी, तो उन्होंने कहा, बिल्कुल नहीं, इसमें कोई प्रतिबंध राहत शामिल नहीं है। यह पूरी तरह से उनके व्यवहार पर निर्भर होगा। अगर वे वह सब करते हैं जो उन्हें करना चाहिए, तभी भविष्य में इसका असर दिखना शुरू होगा। आगे उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा किए गए परमाणु समझौते पर तंज कसते हुए कहा, मैं इस समझौते के दस्तावेजों को सार्वजनिक करना चाहता हूं क्योंकि यह एक बेहद शक्तिशाली दस्तावेज है। यह ओबामा के उस दस्तावेज जैसा बिल्कुल नहीं है, जो बेहद घटिया था। उन्होंने यह भी बताया कि जेनेवा में उनकी ओर से अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस समझौते पर दस्तखत करेंगे। समझौते पर हस्ताक्षर की खबरें ईरान की खामोशी इस बीच, कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के इस समझौते पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्ताक्षर हो चुके हैं। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि इस सहमति पत्र पर खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान की तरफ से वहां की संसद के अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघर गालिबफ ने डिजिटली साइन कर दिए हैं। हालांकि, ईरान की तरफ से अभी इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे समझौते की अंतिम स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। वैश्विक बाजारों को मिली खुशखबरी तेल की कीमतें गिरीं युद्धविराम और शांति समझौते की आधिकारिक घोषणा होते ही वैश्विक बाजारों को तत्काल राहत मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से नीचे गिरी हैं, जिस पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी खुशी जताई। वहीं, युद्ध खत्म होने की राहत से दुनिया भर के शेयर बाजारों में भी तेजी देखी जा रही है। इस बीच, वैश्विक व्यापार की महत्वपूर्ण लाइफलाइन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भी शुक्रवार से पूरी तरह से खोल दिया जाएगा। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, अगले 24 से 48 घंटों के भीतर इस पूरी डील की शर्तें दुनिया के सामने रख दी जाएंगी, जिससे शांति की दिशा में एक नया अध्याय शुरू होने की उम्मीद है। वीरेंद्र/ईएमएस/16जून2026