16-Jun-2026
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मास्को,(ईएमएस)। रूस को जोरदार झटका लगा है। उसका रणनीतिक बॉम्बर विमान टीयू-22एम3 साइबेरिया के इरकुत्स्क क्षेत्र में ट्रेनिंग उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह वही विमान है जिसे नाटो ‘बैकफायर’ नाम से जानता है और जो रूस की लंबी दूरी की मारक क्षमता का अहम हिस्सा है। हादसे के वक्त विमान में सवार चारों पायलट इजेक्ट करने में सफल रहे। रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक सभी सदस्य जिंदा हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को ही अमेरिका का भी एक बी-52 बॉम्बर गिरा है, जिसमें 8 लोगों की मौत हो गई है। रूसी मीडिया और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में विमान को तेज रफ्तार से नीचे गिरते देखा गया। कुछ ही सेकंड बाद वह घने जंगल में जा टकराया और वहां से धुएं का विशाल गुबार उठता दिखा। हालांकि वीडियो की पुष्टि नहीं हो सकी है। इरकुत्स्क के गवर्नर ने बताया कि विमान कामेंका गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ। हादसे के बाद दमकल कर्मियों को आग बुझाने के लिए मौके पर भेजा। शुरुआती जांच में इंजन फेल होने को दुर्घटना की सबसे संभावित वजह माना जा रहा है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने मामले की जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक टीयू-22एम3 सोवियत दौर का सुपरसोनिक रणनीतिक बॉम्बर है, जिसे बाद में आधुनिक तकनीक के साथ अपग्रेड किया गया है। रूस ने इसका इस्तेमाल सीरिया और यूक्रेन में कई सैन्य अभियानों में किया है। इस विमान की सबसे बड़ी ताकत इसकी लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलें हैं। यह केएच-22 क्रूज मिसाइलों के अलावा रूस की चर्चित हाइपरसोनिक किंझल मिसाइल भी ले जा सकता है। किंझल मिसाइल को रूस अपनी सबसे घातक हथियार प्रणालियों में गिनता है, क्योंकि इसकी गति आवाज की रफ्तार से कई गुना ज्यादा है और इसे रोकना बेहद मुश्किल है। सिराज/ईएमएस 16जून26 -------------------------------