- खतरे में मप्र की लाइफ लाइन, नर्मदा में दिखने लगी चट्टानें भोपाल (ईएमएस)। अभी बरसात शुरू भी नहीं हुई है, उसके पहले ही मध्य प्रदेश के बांधों का पानी सूखने लगा है। वहीं कम पानी की वजह से नर्मदा के कई घाटों पर चट्टाने नजर आने लगी हैं, पानी गंदा हो गया है। यदि ऐसे ही हालात रहे तो शहरों में पीने के पानी का संकट खड़ा हो जाएगा। नर्मदा नदी से ही कई छोटे बड़े गांव से लेकर बड़े-बड़े शहरों तक पानी पहुंचाया जाता है। लेकिन इन दिनों नर्मदा सूख रही है। नर्मदा नदी पर एक बहुत बड़ा बांध है जिसे बरगी बांध के नाम से जाना जाता है। इस बांध की समुद्र तल से ऊंचाई 402 मी धरातल से शुरू होकर 422.75 मी है। कुल मिलाकर बांध में 21 मी पानी भर सकता है। लेकिन बरगी बांध परियोजना के अधिकारी आर आर रोहित ने बताया कि बरगी बांध में फिलहाल वाटर लेवल 407.85 मीटर है। मतलब बरगी बांध में अब मात्र 5 मीटर पानी ही शेष बचा है। जबकि बरगी बांध में बरसात के सीजन में 422.75 मीटर पानी था। बरगी बांध से नर्मदा नदी में पानी बिजली संयंत्र के माध्यम से छोड़ा जाता है। लेकिन बिजली संयंत्र में दो में से एक इकाई मेंटेनेंस के लिए बंद की गई है और दूसरी इकाई को भी पानी कम होने की वजह से कम समय के लिए ही चलाया जा रहा है। इसकी वजह से नर्मदा नदी में पानी की मात्रा बहुत अधिक घट गई है। नर्मदा नदी में पानी कम छोड़े जाने का असर जबलपुर शहर के जनजीवन पर भी दिखने लगा है। बारिश कम हुई तो खड़ा हो सकता है जलसंकट इस साल पहले ही मौसम वैज्ञानिकों ने अल नीनो इफेक्ट के चलते कम बारिश होने की संभावना जताई है। मध्य प्रदेश के बांधों में भी पानी अपने निचले स्तरों तक पहुंच गया है। ऐसी हालत में यदि बारिश कम होती है तो आने वाला साल सभी के लिए कष्टदायक होगा। क्योंकि नर्मदा नदी से कई शहरों को पानी की सप्लाई होती है। नर्मदा नदी की नहरों से फिलहाल जबलपुर और नरसिंहपुर जिले में सिंचाई हो रही है। आने वाले समय में कटनी और सतना तक इस पानी को पहुंचना है। लेकिन यदि पानी ही कम गिरा तो बांध में पूरा पानी नहीं भर पाएगा, जिसकी वजह से पीने के पानी तक का संकट खड़ा हो सकता है। विनोद / 16 जून 26