- मप्र पुलिस ने तैयार किया सिलेबस, साइबर अपराध और नशे की रोकथाम के विषय शामिल भोपाल (ईएमएस)। पुलिस द्वारा स्कूल एवं कॉलेज के छात्र-छात्राओं में अपराधों के प्रति जागरूकता लाने के लिए विशेष पाठ्यक्रम तैयार किए गए हैं। स्कूल और कॉलेज में अब सडक़ सुरक्षा, साइबर अपराध और नशे की रोकथाम जैसे विषय पढ़ाए जाएंगे। रतलाम पुलिस ने इन विषयों पर पाठ्यक्रम भी तैयार किया है। जिनके माध्यम से युवाओं को यातायात नियमों का पालन करना, नशे से दूर रहना और साइबर अपराधों से बचाना सिखाया जाएगा। रतलाम पुलिस ने इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी लीड कॉलेज और आंगनबाड़ी एवं आशा उषा कार्यकर्ताओं को इस अभियान से जोड़ा है। पुलिस द्वारा युवाओं को वर्तमान में हो रहे अपराधों के प्रति जागरूक करने के तहत विभिन्न विषयों पर विशेष पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। जिसमें साइबर अपराध, यातायात नियम एवं सडक़ सुरक्षा, नशे से बचाव और महिला एवं नाबालिगों के विरुद्ध होने वाले अपराध की रोकथाम विषयों को स्कूल कॉलेज के छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जाएगा। रतलाम एडिशनल एसपी विवेक कुमार ने बताया कि पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में समाज और खासकर युवाओं को अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए इस अभियान की शुरुआत की गई है। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी लीड कॉलेज और महिला बाल विकास विभाग को पत्र लिखा गया है। ज्यादातर नशे और एक्सीडेंट का शिकार हो रहे युवा जिसमें स्कूल कॉलेज के छात्र-छात्राओं और आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ता के माध्यम से महिलाओं एवं युवतियों को अपराधों के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके लिए रतलाम पुलिस ने 4 विषयों पर डिजिटल बुक एवं पाठ्य पुस्तक तैयार किया है। एडिशनल एसपी विवेक कुमार ने बताया कि अक्सर देखा जाता है की सडक़ दुर्घटनाओं में सर्वाधिक मौतें युवाओं की होती है। नशे की लत के शिकार सबसे अधिक युवा ही होते हैं। युवाओं में जागरुकता लाने की कोशिश वहीं, सोशल मीडिया का अधिक इस्तेमाल करने की वजह से साइबर फ्रॉड के शिकार भी अधिकांश युवा ही होते हैं। युवाओं में इन विषयों पर जागरूकता लाने के लिए स्कूल एवं कॉलेज के छात्र-छात्राओं को अनिवार्य रूप से पढ़ाया जाएगा। जिससे महिला अपराधों, साइबर अपराध, नशे संबंधी अपराध और यातायात सुरक्षा के बारे में समाज में जागरूकता आ सकेगी। बहरहाल रतलाम पुलिस द्वारा तैयार किए गए पाठ्यक्रम को शुरुआत में रतलाम जिले में शिक्षा विभाग एवं लीड कॉलेज द्वारा छात्रों को पढ़ाया जाएगा। इसके बाद रतलाम पुलिस की इस पहल को अन्य जिलों में भी अपनाया जाएगा। विनोद / 16 जून 26