क्षेत्रीय
16-Jun-2026
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समिति सदस्य ने नागरिकों से मांगे सुझाव; 22 जून के बाद तैयार होगा ड्राफ्ट मंडला (ईएमएस)। मध्यप्रदेश शासन की उच्च स्तरीय समान नागरिक संहिता समिति के सदस्य बुधपाल सिंह ने मंगलवार को मंडला के आर.डी. कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित एक महत्वपूर्ण जन परामर्श बैठक में हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य यूसीसी कानून को लेकर स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न वर्गों के लोगों से उनके सुझाव और विचार एकत्र करना था। किसी भी धर्म की परंपरा या आस्था में दखल नहीं बैठक को संबोधित करते हुए समिति सदस्य बुधपाल सिंह ने बताया कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य किसी भी धर्म की आस्था, रीति-रिवाज, परंपरा या धार्मिक अधिकारों में हस्तक्षेप करना बिल्कुल नहीं है। सरकार का प्रयास केवल नागरिक मामलों (सिविल लॉ) से जुड़े नियमों में एकरूपता और समानता लाना है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार इस कानून को बनाने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। 22 जून तक चलेंगे सुझाव, फिर तैयार होगा ड्राफ्ट बुधपाल सिंह ने आगे बताया कि कानून बनाने के पहले चरण में आगामी 22 जून तक पूरे प्रदेश से जनता के सुझाव और आपत्तियां दर्ज की जा रही हैं। इन सभी प्राप्त सुझावों का बारीकी से अध्ययन करने के बाद एक मजबूत प्रारूप (ड्राफ्ट) तैयार किया जाएगा। इस ड्राफ्ट को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए विधि विभाग को भेजा जाएगा, जिसके बाद सरकार कानून बनाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी। जनजातीय समुदायों और विसंगतियों पर विशेष ध्यान देने की मांग बैठक में मौजूद जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम ने समान नागरिक संहिता को वर्तमान समय की बड़ी जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि विवाह, तलाक, गोद लेना और उत्तराधिकार (जमीन-जायदाद का हक) जैसे विषयों में मौजूद कानूनी विसंगतियों को दूर करने के लिए देश में एक समान व्यवस्था होना जरूरी है। इसके साथ ही कुशराम ने एक महत्वपूर्ण बिंदु उठाते हुए सुझाव दिया कि धर्मांतरित जनजातीय (आदिवासी) समुदायों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर भी समिति को विशेष रूप से विचार करना चाहिए। यह रहे उपस्थित इस जन परामर्श बैठक में कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे, पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी सहित जिले के कई आला अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। बैठक के दौरान उपस्थित लोगों ने अपने-अपने लिखित और मौखिक सुझाव प्रस्तुत किए।