भोपाल (ईएमएस)। जून को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG 2026) के सुरक्षित, पारदर्शी और निष्पक्ष संचालन को सुनिश्चित करने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुलिस मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाणा ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन, साइबर निगरानी और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की विस्तृत समीक्षा की गई। डीजीपी ने कहा कि परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रश्नपत्रों की प्राप्ति से लेकर परीक्षा समाप्ति के बाद उनकी सुरक्षित वापसी तक पूरी प्रक्रिया त्रुटिरहित और सुरक्षित होनी चाहिए। उन्होंने सभी पुलिस अधीक्षकों को 20 जून तक परीक्षा केंद्रों, प्रश्नपत्र भंडारण स्थलों और संबंधित बैंकों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही सीसीटीवी कैमरे, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD), सुरक्षा बलों की तैनाती और अभ्यर्थियों की प्रवेश व्यवस्था का परीक्षण सुनिश्चित करने को कहा। परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए प्रदेश के 38 साइबर कमांडो सक्रिय रहेंगे। ये कमांडो सोशल मीडिया, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और अन्य डिजिटल माध्यमों पर पेपर लीक, अफवाहों और अनुचित गतिविधियों पर नजर रखेंगे। डीजीपी ने पेपर लीक के प्रति शून्य सहिष्णुता नीति अपनाने और किसी भी भ्रामक सूचना पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश के 283 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 1.18 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में सर्वाधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। पुलिस ने परीक्षा अवधि के दौरान होटल, लॉज और कोचिंग संस्थानों की निगरानी बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं।