राज्य
22-Apr-2023
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- भर्ती घोटाले में अधिकारी और राजनैतिक नेता शामिल -डिजिटल साक्ष्य सहित कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद कोलकाता (ईएमएस)। पश्चिम बंगाल में शिक्षक नियुक्ति में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच पहले ही दो केंद्रीय जांच एजेंसियां ​ईडी और सीबीआई कर रही है। घोटाले की जांच में कई शिक्षकों से लेकर मंत्री-विधायक तक पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं, लेकिन अब राज्य के विभिन्न नगरपालिकाओं में भर्ती में घोटाला सामने आया है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच का आदेश दिए है। इस बीच प्रवर्तन निदेशालय दावा कर रहा है कि नगरपालिका में भर्ती का घोटाला 200 करोड़ तक का हो सकता है। टीएमसी के युवा नेता अयान शील की गिरफ्तारी के बाद ही ईडी ने सोने की खदान को सीज करने का दावा किया था। केंद्रीय जांच एजेंसी ने अयान शील के घर से नगर निगम की नियुक्तियों से जुड़े कई दस्तावेज भी बरामद किए थे। - नगरपालिकाओं में नियुक्ति घोटाला ईडी ने आशंका जताई है की भर्ती घोटाला सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र में ही नहीं है अन्य विभागों में भी फैला है। प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों को संदेह है कि नगरपालिका भर्ती घोटाले में भारी धन का लेन-देन हुआ है। ईडी पहले ही नगरपालिका की नियुक्ति में भ्रष्टाचार के आरोप को लेकर एक रिपोर्ट कोर्ट में जमा कर चुकी है। इस रिपोर्ट में नगर निगम भर्ती में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर कई सनसनीखेज तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अयान शील ईडी से स्वीकार किया है कि इसमें करोड़ों रुपए के घोटाले हुए हैं। - टीएमसी नेता के घर से जब्त किये महत्वपूर्ण दस्तावेज ईडी की रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच में अयान शील और अन्य के घरों की तलाशी ली गई। उस दौरान अयान शील के घर से डिजिटल साक्ष्य सहित कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद हुए थे। उन दस्तावेजों की छानबीन से पता चला है कि यह घोटाला केवल शिक्षकों की भर्ती तक ही सीमित नहीं है, बल्कि राज्य में विभिन्न नगर पालिकाओं में भी फैल चुका है। -नगर पालिकाएं जांच के दायरे में कंचरापाड़ा, न्यू बैरकपुर, कमरहाटी, टीटागढ़, बारानगर, हलीशहर, दक्षिण दमदम, दमदम, टाकी सहित विभिन्न नगर पालिकाएं जांच के दायरे में है। अदालत को सौंपी गई रिपोर्ट में भी इनका जिक्र किया है। - घूस में अधिकारी से लेकर नेता तक सब शामिल ईडी के अनुसार, सफाईकर्मियों, क्लर्कों, चपरासी, मजदूरों, एंबुलेंस अटेंडेंट, सहायक राज मिस्त्री, पंप ऑपरेटर, हेल्पर, सेनेटरी सहायक, ड्राइवर सहित विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए बहुत बड़े पैमाने पर पैसों का लेन-देन हुआ है। केंद्रीय जांच ने कहा है कि नगर पालिका में पैसे के बदले हुई इन नियुक्तियों में सरकारी अधिकारी और राजनैतिक नेता शामिल हैं।